
वॉशिंगटन, 14 जुलाई . अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करने का संकल्प कर लिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की कोशिश करेगा और ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखेगा, साथ ही अगर तेहरान किसी समझौते के लिए तैयार होता है तो बातचीत के रास्ते भी खुले रखेगा.
ट्रंप ने कहा कि ईरान कुछ दिन पहले हुए एक समझौते से पीछे हट गया, जिससे वॉशिंगटन को फिर से मिलिट्री एक्शन शुरू करना पड़ा. उन्होंने कहा, “हम आज रात उन पर हमला कर रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से जुड़ी किसी भी चीज के लिए उनकी सभी क्षमताओं को खत्म कर रहे हैं. और मुझे लगता है कि आखिर में, हम पूरी चीज को कंट्रोल कर लेंगे.”
अमेरिकी President ने कहा, “अमेरिका ईरान पर फिर से नाकेबंदी (ब्लॉकेड) लागू करेगा. हम नाकेबंदी फिर से लागू कर रहे हैं और यह नाकेबंदी सिर्फ ईरान के लिए है, किसी और के लिए नहीं. दूसरे शब्दों में, जो कोई भी ईरान के साथ व्यापार करेगा, वह वहां से नहीं गुजर पाएगा. बाकी सभी लोग वहां से गुजर सकेंगे. तो यह एक नाकेबंदी है. यह बहुत मजबूत नाकेबंदी है. नाकेबंदी शायद उन पर हमला करने से भी ज्यादा असरदार थी. लेकिन मुझे लगता है कि दोनों का कॉम्बिनेशन ही असल में काम करता है.”
ट्रंप ने कहा कि तेहरान के साथ समझौता होने ही वाला था कि तभी वह टूट गया. उन्होंने कहा, “कल या परसों हमारे बीच एक डील हुई थी, सब कुछ तय हो गया था और फिर उन्होंने तुरंत वह डील तोड़ दी क्योंकि उन्हें डील में कुछ ऐसा लगा जो उन्हें पसंद नहीं आया.”
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि कूटनीति (डिप्लोमेसी) का विकल्प अभी भी खुला है. हां, मुझे लगता है कि डील मुमकिन है. बिल्कुल, मुझे ऐसा लगता है. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि ईरान की एक और न्यूक्लियर-संबंधी फैसिलिटी पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
उन्होंने कहा, “उनके पास यह नहीं है, क्योंकि हमारी नज़रें हैं, आप जानते हैं, स्पेस फोर्स और बाकी चीजों के जरिए, हमारी इस पर कड़ी नजर है. लेकिन ‘पिकएक्स’ मुमकिन है, आप जानते हैं, सामने के दरवाजे पर एक जबरदस्त, बड़े हमले के लिए एक संभावित टारगेट हो सकता है.”
उन्होंने आगे कहा, “नहीं, यह लिस्ट में है. हम इस पर कड़ी नजर रख रहे हैं. हमें वहां कोई गतिविधि नहीं दिख रही है. न्यूक्लियर मामले में उनकी स्थिति अच्छी नहीं है. जब भी हमें इसके बारे में पता चलता है, हम उसे उड़ा देते हैं. हम शायद जल्द ही ‘पिकएक्स’ पर हमला करेंगे.”
ट्रंप ने ईरान के नेताओं को ‘बेहद कठोर और सनकी लोग’ भी बताया और तेहरान पर बातचीत से हुए समझौतों को बार-बार तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “हमारे बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें हम हर मामले में जीते थे, लेकिन उन्होंने असल में उस समझौते को तोड़ दिया. आप जानते हैं, वे समझौते तो करते हैं, लेकिन उनकी नजर में समझौते तोड़ने के लिए ही होते हैं. वे बहुत ही भरोसे के लायक नहीं हैं.”
ट्रंप ने कहा, “हमने एक महीने के अंदर उनकी नेवी को खत्म कर दिया. हमने उनकी एयर फोर्स को खत्म कर दिया. उनकी एयर फोर्स का तो अब कोई वजूद ही नहीं है. हमने उनकी ज्यादातर मिसाइलें और ज्यादातर ड्रोन खत्म कर दिए.” उन्होंने फिर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका का मुख्य मकसद बना हुआ है.
अमेरिकी President ने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा.” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैन्य सुरक्षा का फायदा उठाने वाले खाड़ी देशों को इसका आर्थिक बोझ उठाने में मदद करनी चाहिए. मैं चाहता हूं कि मुझे इसका खर्च वापस मिले, क्योंकि हम दुनिया के एक बहुत अमीर हिस्से की सुरक्षा कर रहे हैं.
सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा कर रहा है, जबकि अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वह अब मध्य पूर्व के तेल पर निर्भर नहीं है.
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एसडी/एएस