भारत की चुनावी व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, कई स्तरों पर जांच और निगरानी से मजबूत है मॉडल

New Delhi, 18 अगस्त . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप द्वारा India की मतदाता पहचान व्यवस्था की तारीफ किए जाने के बाद दुनिया की सबसे व्यापक चुनावी व्यवस्थाओं में शामिल भारतीय चुनाव प्रणाली एक बार फिर चर्चा में है. ट्रंप ने अमेरिका में अनिवार्य फोटो पहचान पत्र के बिना चुनाव कराए जाने पर सवाल उठाते हुए India की व्यवस्था का उदाहरण दिया और ‘सेव अमेरिका एक्ट’ के प्रति अपना समर्थन दोहराया. इस प्रस्ताव में संघीय चुनावों के लिए नागरिकता के दस्तावेजी प्रमाण और Government द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र अनिवार्य करने की बात कही गई है.

हालांकि, India की चुनावी व्यवस्था की मजबूती केवल मतदाता पहचान पत्र तक सीमित नहीं है. इसके केंद्र में India निर्वाचन आयोग है, जो एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में Lok Sabha और राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं और विधान परिषदों के चुनाव के साथ-साथ President और उपPresident के चुनाव का संचालन करता है.

India में चुनाव का पैमाना बेहद विशाल है. 2024 के Lok Sabha चुनाव में 64.2 करोड़ से अधिक लोगों ने मतदान किया था. इसे दुनिया में अब तक हुए सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनावी अभ्यासों में से एक माना जाता है. देशभर में लाखों मतदाता एक करोड़ से अधिक? नहीं, बल्कि 10 लाख से ज्यादा मतदान केंद्रों पर वोट डालते हैं, जिनमें दुर्गम गांवों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों से लेकर बड़े शहरों तक के मतदान केंद्र शामिल हैं.

भारतीय चुनाव व्यवस्था की बुनियाद मतदाता सूची है. बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) जमीनी स्तर पर मतदाता सूचियों को तैयार करने, उनके सत्यापन और समय-समय पर अपडेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. Political दल अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त कर सकते हैं, जो मतदाता सूचियों की जांच कर किसी भी विसंगति को चुनाव अधिकारियों के सामने उठा सकते हैं. इस तरह मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी के साथ-साथ Political दलों की भी जांच के दायरे में रहती है.

मतदान केंद्र पर मतदाताओं की पहचान आमतौर पर चुनावी फोटो पहचान पत्र यानी ईपीआईसी के माध्यम से की जाती है. हालांकि, निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य वैध पहचान दस्तावेजों के जरिए भी मतदान की अनुमति होती है. डिजिटल ई-ईपीआईसी सुविधा ने मतदाताओं के लिए पहचान पत्र और चुनाव संबंधी जानकारी तक पहुंच को और आसान बनाया है.

उम्मीदवारों और Political दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी चुनाव प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है. मतदान एजेंट मतदान केंद्र के अंदर प्रक्रिया पर नजर रख सकते हैं, जबकि मतगणना एजेंट वोटों की गिनती के दौरान मौजूद रहते हैं. इससे मतदान और मतगणना, दोनों चरणों में अतिरिक्त निगरानी सुनिश्चित होती है.

तकनीक भी भारतीय चुनाव प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है. ईवीएम और वीवीपैट के लिए कमीशनिंग, सीलिंग, भंडारण, परिवहन और सत्यापन से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल लागू होते हैं. इसके अलावा स्ट्रॉन्ग रूम, चुनाव पर्यवेक्षक और विस्तृत मतगणना प्रक्रियाएं भी चुनावी प्रक्रिया में अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, India की चुनावी व्यवस्था की मजबूती केवल मतदाता पहचान की व्यवस्था में नहीं, बल्कि कई स्तरों पर मौजूद जांच और संतुलन में है. मतदाता पंजीकरण से लेकर मतदान, मतगणना और सत्यापन तक संवैधानिक निगरानी, प्रशासनिक तंत्र, Political दलों की जांच, उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी और तकनीक- सभी मिलकर चुनाव प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं.

डीएससी

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