तरुण तेजपाल मामले में Supreme Court पहुंची गोवा सरकार, सजा बढ़ाने की मांग

New Delhi, 18 अगस्त . पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिए जाने के बाद अब गोवा Government ने Supreme Court का रुख किया है. गोवा Government ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है.

गोवा Government का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट द्वारा दी गई सजा पर्याप्त नहीं है और दोषी को अधिक कठोर दंड दिया जाना चाहिए. इस संबंध में राज्य Government ने Supreme Court में अपील दायर की है.

यह मामला वर्ष 2013 का है, जब तेजपाल पर अपनी एक जूनियर सहकर्मी के साथ गोवा के एक लग्जरी होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म करने का आरोप लगा था. शिकायत के आधार पर गोवा Police ने उनके खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था और नवंबर 2013 में उन्हें गिरफ्तार किया था.

मई 2021 में मापुसा की सत्र अदालत ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. हालांकि, गोवा Government ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया. अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी.

न्यायमूर्ति नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जमसंडेकर की खंडपीठ ने फैसले में कहा था कि निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया. हाईकोर्ट ने यह भी माना कि मामले में मौजूद महत्वपूर्ण सबूतों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया था.

सजा पर सुनवाई के दौरान तेजपाल की ओर से सजा पर रोक लगाने और Supreme Court जाने के लिए समय देने की मांग की गई थी. वहीं, सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि यौन हिंसा के मामलों में समाज को कड़ा संदेश दिया जाना जरूरी है.

इसी मामले में अब गोवा Government ने Supreme Court में याचिका दाखिल कर सजा बढ़ाने की मांग की है.

एएमटी/डीकेपी

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