एनआरसी अपडेट की मांग पर मणिपुर बंद का असर, इंफाल घाटी में 48 घंटे तक व्यापार और यातायात ठप

इंफाल, 18 अगस्त . मणिपुर की इंफाल घाटी में Tuesday को आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. लोगों ने ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन’ (जेएफडी) द्वारा बुलाए गए 48 घंटे के आम बंद का बड़े पैमाने पर समर्थन किया. जेएफडी की मांग है कि 2027 की जनगणना से पहले राज्य में ‘नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स’ (एनआरसी) को अपडेट किया जाए.

पूर्व Chief Minister एन. बीरेन सिंह New Delhi में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के बाद इंफाल लौटे. उन्होंने कहा कि केंद्र Government मणिपुर में एनआरसी को अपडेट करने के मामले में सकारात्मक कदम उठाएगी.

Monday आधी रात को शुरू हुआ और Wednesday आधी रात तक चलने वाला 48 घंटे का शटडाउन ट्रांसपोर्ट, व्यापार और कमर्शियल गतिविधियों को लगभग ठप कर गया. सड़कें सुनसान थीं और इंफाल घाटी के बड़े हिस्सों में दुकानें बंद रहीं; इस घाटी में छह जिले, इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरीबाम, आते हैं.

शटडाउन के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी, जिससे वीआईपी काफिलों, डॉक्टरों, Governmentी कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई. शाम को भारी बारिश के बावजूद, महिलाएं समेत प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे रहे और शटडाउन लागू करवाते रहे.

Police अधिकारी ने बताया कि हड़ताल काफी हद तक शांतिपूर्ण रही, हालांकि कुछ जगहों पर तनाव की खबरें आईं. एक घटना में, सुरक्षा बलों के काफिले ने हड़ताल समर्थकों के एक समूह के खिलाफ कथित तौर पर नकली बम (मॉक बम) का इस्तेमाल किया, जिससे एक महिला घायल हो गई. पोरोमपट, इंफाल ईस्ट में, Police कार्रवाई के दौरान कम से कम चार महिला प्रदर्शनकारी घायल हो गईं और उन्हें जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जेएनआईएमएस) अस्पताल ले जाया गया.

काकचिंग जिले में, ‘अपुनबा नुपी लुप’ के सदस्यों और स्थानीय युवाओं ने हियांगलाम-वाबागाई में एमा मार्केट और लमखाई केइथेल में प्रदर्शन किया और वीआईपी गाड़ियों समेत गाड़ियों की आवाजाही रोक दी. सिविल सोसाइटी संगठनों, छात्र संगठनों, ‘मीरा पाइबी’ और जिरीबाम के निवासियों ने नेशनल हाईवे-37 (एनएच-37) को ब्लॉक कर दिया, जिससे जिरीबाम को इंफाल से जोड़ने वाले इस अहम हाईवे पर ट्रैफिक बाधित हुआ.

सिंह, विधायकों के साथ, इंफाल लौटने से पहले Monday को New Delhi में शाह से मिले. सिंह ने मीडिया से कहा, “हमने गृह मंत्री को एनआरसी, हड़ताल और आंदोलन से जुड़ी स्थिति के बारे में जानकारी दी है. मुझे विश्वास है कि गृह मंत्री इस अहम मुद्दे पर कोई सकारात्मक कदम उठाएंगे.”

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान मणिपुर से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें आबादी का असंतुलन भी शामिल था.

सिंह ने आगे कहा कि जनगणना से पहले एनआरसी कराने की मांग पर शाह का रुख सकारात्मक था.

एससीएच

Leave a Comment