
ओस्लो, 19 मई . Prime Minister Narendra Modi ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में शामिल हुए. समिट में सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन, क्लीन एनर्जी, नई टेक्नोलॉजी और शांतिपूर्ण और खुशहाल भविष्य के लिए सहयोग को मजबूत पर जोर दिया गया. इसके बाद पीएम मोदी ने नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस मीट को संबोधित किया.
इस दौरान Prime Minister मोदी ने कहा कि लोकतंत्र, कानून के नियम और बहुपक्षवाद के प्रति साझा प्रतिबद्धता India और नॉर्वे को एक नेचुरल साझेदार बनाता है. दोनों देशों ने पश्चिम एशिया और वैश्विक तनाव के मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए.
पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत-नॉर्डिक समिट में शामिल होने पर मुझे खुशी हो रही है. इस समिट का आयोजन करने के लिए President का धन्यवाद करता हूं. इस समिट में मैं सभी नॉर्डिक नेताओं का स्वागत करता हूं. लोकतंत्र, कानून के नियम और बहुपक्षवाद के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमें नेचुरल साझेदार बनाती है. आठ वर्ष पहले हमने नॉर्डिक देशों के साथ अपने संबंधों को ऊर्जा और गति देने के लिए इस फॉर्मेट का गठन किया.”
उन्होंने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि पिछले कुछ वर्षों में हमने अपने संबंधों में विशेष प्रगति की है. 10 वर्षों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार चार गुना बढ़ा है. नॉर्डिक देशों के निवेश फंड भी India की रैपिड ग्रोथ में अहम साझेदार बन रहे हैं. पिछले एक दशक में नॉर्डिक देशों से India में निवेश में लगभग 200 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. तेजी से बढ़ते व्यापार और निवेश में India की ग्रोथ स्टोरी ने योगदान दिया है, साथ ही नॉर्डिक देशों की अर्थव्यवस्थाओं में भी बहुत सकारात्मक भूमिका निभाई और हजारों नई नौकरियां बनाई हैं. इस मजबूत नींव पर अपने संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए हमने हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण पहल किए हैं.”
पीएम मोदी ने कहा, “अक्टूबर 2025 से नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य ईएफटीए देशों के साथ हमने व्यापार और आर्थिक साझेदारी लागू की है. कुछ ही महीने पहले हमने भारत-ईयू एफटीए किया, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन भी भागीदार हैं. इन व्यापार समझौतों से हम भारत-नॉर्डिक देशों के साथ संबंधों में नए स्वर्णिम युग की शुरुआत करने जा रहे हैं. हमने India और नॉर्वे के संबंधों को ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप देने का निर्णय लिया है.”
Prime Minister ने कहा कि इस ग्रीन टेक्नोलॉजी साझेदारी से हम आइसलैंड की जीरो थर्मल इंफिसियरीज, नॉर्वे की ब्लू इकोनॉमी और आर्कटिक और सभी नॉर्डिक देशों के मैरिटाइम में सस्टेनिबिलिटी की विशेषज्ञता को India के स्केल के साथ जोड़कर पूरे विश्व के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेंगे. इस यूनिक स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप के गठन से हम स्वीडन की एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस, फिनलैंड की टेलीकॉम और डिजिटल तकनीक, डेनमार्क की साइबर सिक्योरिटी और हिलटेक को India के टैलेंट के साथ जोड़कर पूरे विश्व के लिए विश्वसनीय समाधान विकसित करेंगे. India नॉर्डिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हमारे व्यापक रिसर्च और इनोवेशन भी हैं. इसे सुदृढ़ करने के लिए हम साथ मिलकर यूनिवर्सिटी, स्टार्टअप, लैब्स इकोसिस्टम के बीच लिकेज बढ़ाएंगे. हम आर्कटिक और पोलर रिसर्च में अपना सहयोग और गहरा करेंगे. India और नॉर्डिक देशों के बीच स्किल डेवलपमेंट और मोबिलिटी के नए अवसर सुनिश्चित करेंगे.
उन्होंने कहा, “हमने वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए. वैश्विक तनाव और संघर्ष के दौर में India और नॉर्डिक देश साथ मिलकर एक नियम आधारित ग्लोबल ऑर्डर को बल देते रहेंगे. यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे. हम इस बात पर सहमत हैं कि बहुपक्षीय संस्थानों का रिफॉर्म आवश्यक और तुरंत जरूरी भी है.”
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केके/डीकेपी