तेलंगाना: आवारा कुत्तों के हमले में तीन साल की मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत

हैदराबाद, 20 अप्रैल . तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले में Monday को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने एक तीन साल की बच्ची को नोच-नोच कर मार डाला. यह दर्दनाक घटना सुल्तानाबाद मंडल के कतनापल्ली गांव में हुई, जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी.

बताया गया है कि आवारा कुत्तों ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया और उसे गर्दन से पकड़कर पास के खेतों में खींच ले गए. स्थानीय निवासी जब तक मौके पर पहुंचते और कुत्तों को भगाते, तब तक मासूम बच्ची ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया था. मृत बच्ची की पहचान दिव्या बेहरा के रूप में हुई है; उसके माता-पिता Odisha के प्रवासी मजदूर हैं और इलाके के एक ईंट भट्ठे में काम करते हैं.

इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों और नागरिकों में भारी आक्रोश है. लोगों ने नगर पालिकाओं और संबंधित अधिकारियों से आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को नियंत्रित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है. गौरतलब है कि यह घटना राजन्ना सिरसिला जिले में एक सात साल के लड़के की मौत के एक हफ्ते के भीतर ही हुई है.

इससे पहले, 1 अप्रैल को आदित्य नाम का एक बच्चा अपने घर के सामने खेलते समय कुत्तों का शिकार हुआ था. कुत्तों से बचने की कोशिश में वह गिर गया था, जिससे उसके सिर में गंभीर आंतरिक चोट आई और मस्तिष्क में खून का थक्का जम गया. हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 16 अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी.

तेलंगाना में पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जुलाई 2024 में भी हैदराबाद के जवाहर नगर इलाके में एक 18 महीने के बच्चे को आवारा कुत्तों ने घर के बाहर से खींच लिया था और उसे बुरी तरह घायल कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी.

इसी तरह, मई 2024 में विकाराबाद जिले के तांडूर शहर में एक पांच महीने के बच्चे की जान उस समय चली गई थी, जब एक आवारा कुत्ता घर के भीतर घुस गया था और सोते हुए मासूम पर हमला कर दिया था. पिछले साल जुलाई में नेरेडमेट इलाके में भी तीसरी कक्षा के छात्र जाधव प्रसाद की कुत्तों के हमले में मौत हो गई थी. लगातार हो रही इन घटनाओं ने राज्य में भय का माहौल पैदा कर दिया है.

डीएससी

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