श्रद्धालुओं के लिए आरामदायक और आध्यात्मिक होगी यह यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम: डिप्टी कमिश्नर जतिन किशोर

गांदरबल, 22 जून . गांदरबल के तुलमुला में माता खीर भवानी मंदिर के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि आज सालाना ऐतिहासिक खीर भवानी मेले में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. तीर्थयात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए Police और सुरक्षाबलों की तैनाती सहित बहुस्तरीय सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं.

डिप्टी कमिश्नर जतिन किशोर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “देखिए, जैसा कि आप सभी जानते हैं, ज्येष्ठ अष्टमी के मौके पर गांदरबल के खीर भवानी मंदिर में खीर भवानी माता का सालाना मेला आयोजित किया जाता है. इस साल इसे बहुत उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है, हमने यह सुनिश्चित करने की हर संभव कोशिश की कि श्रद्धालुओं का प्रवास और यात्रा आरामदायक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध हो.”

उन्होंने कहा, “आज ज्येष्ठ अष्टमी के मौके पर, तुलमुल्ल गांदरबल के खीर भवानी मंदिर में हर साल खीर ​​भवानी माता का मेला आयोजित किया जाता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने लगे हैं. गांदरबल जिला प्रशासन और गांदरबल के सभी लोगों की ओर से हम उन सभी का स्वागत करते हैं. हमने पूरी कोशिश की है कि उनका यहां रुकना और घूमना आरामदायक और आध्यात्मिक रूप से सुखद हो.”

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर डिप्टी कमिश्नर जतिन किशोर ने कहा, “अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है. इसकी तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही हैं. सभी संबंधित विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और काम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है. हमें भरोसा है कि अमरनाथ यात्रा बहुत सुचारू रूप से संपन्न होगी और तीर्थयात्रियों के लिए यह एक सुरक्षित और आरामदायक अनुभव होगा.”

वहीं, 21 जून को कश्मीर जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ Police (आईजीपी) वीके बिरदी ने सेंट्रल कश्मीर रेंज डीआईजी राजीव ओमप्रकाश पांडे और एसएसपी गांदरबल सुधांशु धामा के साथ तुलमुला स्थित पवित्र माता खीर भवानी मंदिर का दौरा किया था. उन्होंने माता खीर भवानी मेला-2026 के सुचारू और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए की जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की थी.

इस दौरान, आईजीपी ने मंदिर परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था और इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया. उन्होंने कई पहलुओं की समीक्षा की, जिनमें एक्सेस कंट्रोल, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, भीड़ प्रबंधन के उपाय, ट्रैफिक रेगुलेशन और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तय पार्किंग सुविधाओं की उपलब्धता शामिल थी.

एसएके/एएस

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