प्रेग्नेंसी में स्ट्रेस घटाती हैं ये चीजें, बच्चे के विकास में करती हैं मदद

New Delhi, 25 फरवरी . प्रेग्नेंसी महिला के जीवन का एक बेहद खास और नाजुक समय होता है. इस दौरान शरीर में होने वाले बदलाव, हार्मोन का असंतुलन और मानसिक तनाव कभी-कभी बहुत भारी लगते हैं. प्रेग्नेंसी में इन तनाव से निपटने का सबसे प्राकृतिक तरीका है ‘पोषण से भरपूर खाना,’ जो न सिर्फ मां की सेहत के लिए, बल्कि बच्चे के विकास के लिए भी बेहद जरूरी है.

विटामिन सी वाली चीजें प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए वरदान साबित होती हैं. यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करती है. साथ ही, स्ट्रेस कम करने में भी मददगार हैं. विटामिन सी तनाव बढ़ाने वाले कोर्टिसोल हार्मोन को नियंत्रित करता है. इसके लिए आंवला, नींबू, संतरा, स्ट्रॉबेरी और ब्रोकली जैसी चीजें रोज की डाइट में शामिल करना लाभकारी है. एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी में विटामिन सी की कमी से बेचैनी और तनाव बढ़ सकता है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में इसका सेवन जरूरी है.

डेयरी प्रोडक्ट्स भी इस समय के लिए काफी जरूरी हैं. दूध, दही और चीज जैसे फूड्स प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं. प्रोटीन न केवल मां को ऊर्जा देता है, बल्कि ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है और नींद को बेहतर बनाता है. लैक्टियम प्रोटीन मां के शरीर को स्ट्रेस से लड़ने की ताकत देता है. इसके अलावा, सोया दूध भी एक अच्छा विकल्प है, जिसमें कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन ए और डी की भरपूर मात्रा होती है. यह बच्चे की हड्डियों और दिमाग के विकास में भी मदद करता है.

अनाज भी गर्भवती महिलाओं की डाइट का अहम हिस्सा है. दाल, ओटमील, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं की ब्रेड खाने से शरीर में एंडोर्फिन रिलीज होता है, जो मूड को बेहतर बनाता है. ये फूड सेरोटोनिन हार्मोन को बढ़ाते हैं, जिससे स्ट्रेस कम होता है.

हरी सब्जियां और पत्तेदार साग खाने से कोर्टिसोल हार्मोन नियंत्रित रहता है और ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है. सलाद या जूस के रूप में हरी सब्जियों का सेवन स्ट्रेस कम करने के लिए सबसे प्रभावी तरीका है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की स्टडी के अनुसार, जो महिलाएं हरी सब्जियां हफ्ते में कई बार खाती हैं, उनमें डिप्रेशन और तनाव के लक्षण कम देखने को मिलते हैं.

पीके/एमएस

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