स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी से महाराष्ट्र में होगा तीव्र परिवर्तन: सीएम देवेंद्र फडणवीस

Mumbai , 12 फरवरी . Maharashtra विभिन्न क्षेत्रों में देश की प्रगति में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है. राज्य की प्रगति की गति को बनाए रखते हुए Government और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी से Maharashtra में तीव्र परिवर्तन होगा, ऐसा विश्वास Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने सह्याद्री अतिथि गृह में टाटा ट्रस्ट और नाम फाउंडेशन के साथ हुए करारों के अवसर पर व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इन करारों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों का विकास पूरे Maharashtra में पहुंचाया जाएगा.

इस अवसर पर ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे, मृदा एवं जलसंधारण मंत्री संजय राठोड, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर-साकोरे उपस्थित थीं.

Chief Minister फडणवीस ने कहा कि राज्य के प्रत्येक परिवार के लिए स्वास्थ्य, पोषण, जल सुरक्षा और आजीविका में सुधार Government की प्राथमिकता है. इन भागीदारीयों से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनेंगी. Governmentी योजनाएं अब जन आंदोलन का स्वरूप ले रही हैं. टाटा ट्रस्ट के सहयोग से विभिन्न विभागों के माध्यम से सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न किया जाएगा. समाज के सभी वर्गों की आय बढ़ेगी और जीवन स्तर ऊंचा उठेगा. उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों के महंगे उपचार के कारण आम नागरिकों को कठिनाई होती है, लेकिन राज्य ऐसी व्यवस्था बना रहा है कि उपचार के अभाव में किसी की मृत्यु न हो. टाटा समूह द्वारा Chief Minister सहायता निधि में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने से जरूरतमंद मरीजों को निश्चित सहायता प्रदान की जा सकती है.

Chief Minister ने कहा कि पिछले दस वर्षों से Government टाटा ट्रस्ट के साथ कार्य कर रही है. केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली भागीदारी टाटा ट्रस्ट की विशेषता है. ये बहुआयामी करार माताओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और किशोरों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने, कुपोषण और ठिगनापन रोकने, पोषण आहार में विविधता लाने, जल संसाधनों का टिकाऊ संरक्षण और प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण Maharashtra में जलवायु आधारित कृषि और पशुधन विकास को बढ़ावा देने में सहायक होंगे.

नाम फाउंडेशन ने राज्य में जलसंधारण के क्षेत्र में व्यापक कार्य किया है. जल स्रोतों से गाद निकालना, नालों और नदियों का गहरीकरण एवं चौड़ीकरण जैसे कार्य किए गए हैं. ‘जलयुक्त शिवार योजना’ सफलतापूर्वक लागू की गई और वह जन आंदोलन बन गई. नाम फाउंडेशन की सहभागिता से विदर्भ और मराठवाड़ा के अल्प वर्षा वाले क्षेत्रों में जलसंधारण का महत्वपूर्ण कार्य हुआ, जिसमें टाटा मोटर्स का भी सहयोग मिला, ऐसा Chief Minister ने बताया.

टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष नोएल टाटा ने कहा कि Maharashtra Government के साथ भागीदारी कर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आजीविका, जल और स्वच्छता कार्यक्रमों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. सामान्य नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया जाएगा. Government के विभिन्न विभागों और समुदायों के साथ मिलकर सकारात्मक परिणाम लाने का उद्देश्य है. आज हस्ताक्षरित सामंजस्य करार राज्य के एकीकृत विकास को समर्थन देने वाली रणनीतिक भागीदारी को औपचारिक रूप देते हैं. नाम फाउंडेशन के संस्थापक नाना पाटेकर ने भी जलसंधारण क्षेत्र में Government के साथ कार्य करने में मिल रहे सहयोग पर संतोष व्यक्त किया.

बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, स्वास्थ्य सचिव डॉ. निपुण विनायक, महिला एवं बाल विकास सचिव अनुपकुमार यादव, टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष नोएल टाटा, नाम फाउंडेशन के संस्थापक नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे, टाटा ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.

एमएस/

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