
New Delhi, 22 जून . कर्नाटक में हाल ही में हुई क्रॉस वोटिंग और उससे जुड़े Political घटनाक्रमों के बीच भाजपा ने राज्य नेतृत्व और संगठन से जुड़े नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. भाजपा के राज्यसभा सांसद और कर्नाटक प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि इस बैठक को अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि यह भाजपा की नियमित संगठनात्मक कार्यप्रणाली का हिस्सा है.
उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव के बाद समीक्षा बैठकें करती है, जिन्हें संगठन में चिंतन बैठक कहा जाता है. इन बैठकों में यह आकलन किया जाता है कि पार्टी किन कारणों से जीती और किन कारणों से हार का सामना करना पड़ा. अग्रवाल ने कहा कि यह न तो पहली बार हो रहा है और न ही आखिरी बार होगा.
कर्नाटक में हुई क्रॉस-वोटिंग के संबंध में उन्होंने कहा कि पार्टी यह समझने का प्रयास कर रही है कि किन परिस्थितियों में यह हुआ. उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग सामने आए हैं जिन्होंने संभवतः मतदान के दौरान अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती. उन्होंने कहा कि भाजपा देश के 22 राज्यों में Government चला रही है और उसके पास दो से ढाई हजार विधायक हैं. ऐसे में यदि कहीं कोई छोटी सी भी कमजोरी दिखाई देती है तो संगठन उसे तुरंत दूर करने का प्रयास करता है. इतने बड़े संगठन में यदि कहीं छोटा सा छिद्र दिखाई देता है तो उसे भरना हमारी जिम्मेदारी है.
क्रॉस-वोटिंग को लेकर भाजपा विधायकों को कसम खिलाने की चर्चाओं पर अग्रवाल ने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई बात नहीं है. उन्होंने बताया कि धर्मस्थल से जुड़े भाजपा के राज्यसभा सांसद वीरेंद्र हेगड़े के यहां यदि कोई बैठक प्रस्तावित है तो वह सामान्य Political बैठक हो सकती है. उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के आवास पर पार्टी की बैठकें होती रहती हैं और इसमें कोई असामान्य बात नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि “कसम खिलाने जैसी कोई बात नहीं हो सकती.”
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना गुस्सा व्यक्त किया है. उन्होंने दावा किया कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीतियों और भाजपा की स्पष्ट विचारधारा के कारण पार्टी को मजबूती मिली है. पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनता उनके कथित अहंकार, तुष्टिकरण की राजनीति और तानाशाही प्रवृत्ति से परेशान हो चुकी थी.
टीएमसी छोड़कर अन्य दलों में जा रहे सांसदों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा इसके लिए जिम्मेदार नहीं है. उनके अनुसार, पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को टीएमसी के भीतर घुटन महसूस हो रही थी और चुनावी परिणामों के बाद उन्हें स्वतंत्र माहौल मिला.
क्रॉस-वोटिंग के मुद्दे को लेकर अग्रवाल ने कहा कि भाजपा के पास पूरे देश में करीब 2000 विधायक हैं. इतने बड़े संगठन में कुछ अपवाद सामने आ सकते हैं. उन्होंने डॉक्टर होने का उदाहरण देते हुए कहा कि इतने बड़े शरीर में कहीं फोड़ा-फुंसी हो जाए तो इसका मतलब यह नहीं कि पूरा शरीर बीमार है. फोड़े-फुंसी का इलाज किया जाता है और हम भी उसका इलाज कर लेंगे.
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष से हुई मुलाकात पर उन्होंने बताया कि राज्य में आने वाले समय में तीन एमएलसी चुनाव होने हैं, जिनमें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल हैं. इसके अलावा अन्य चुनावी तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई है. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया है और वह स्वयं भी अगले कुछ दिनों में Bengaluru जाकर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर ‘यूजलेस फेलोज’ कहे जाने पर अग्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा अपने ही कार्यकर्ताओं के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करना कांग्रेस के भीतर चल रहे असंतोष और अंतर्विरोध को दर्शाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर Chief Minister पद को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है और खड़गे स्वयं भी Political रूप से उपेक्षित महसूस करते रहे हैं. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को पहले यह बताना चाहिए कि पार्टी में आखिर इतने ‘यूजलेस फेलोज’ हैं क्यों. भाजपा नेता ने दावा किया कि कर्नाटक कांग्रेस में सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और खड़गे खेमे के बीच प्रतिस्पर्धा जारी है, जिसका असर अब सार्वजनिक रूप से दिखाई देने लगा है.
नीट परीक्षा के मुद्दे पर अग्रवाल ने भाजपा और कांग्रेस की Political संस्कृति में अंतर बताया. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अपने कार्यक्रम में भी बदलाव किया और एयरपोर्ट पर प्रतीक्षा की, ताकि परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को परेशानी न हो. वहीं, कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से कुछ दिन पहले आयोजित Political कार्यक्रमों के कारण छात्रों का बहुमूल्य समय प्रभावित हुआ. उन्होंने कहा कि एक मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाला छात्र वर्षों की मेहनत करता है और ऐसे समय में उसकी पढ़ाई का एक-एक घंटा महत्वपूर्ण होता है.
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पीएसके/डीकेपी