‘विपक्ष के नेता का काम लोगों को हंसाना नहीं’, अवध ओझा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

हरिद्वार, 16 अगस्त . शिक्षाविद अवध ओझा ने इटली की पीएम जियोर्जिया मेलोनी पर कांग्रेस नेताओं की हालिया टिप्पणी को लेकर Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता का काम सिर्फ लोगों को हंसाना नहीं है, उन्हें देश को एक दिशा भी देनी होती है.

समाचार एजेंसी से बात करते हुए अवध ओझा ने कहा, “जेन-जी बहुत समझदार है. वे ऐसी बातों पर शायद थोड़ा हंसें, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लेंगे. फिर यह कपिल शर्मा के शो जैसा हो जाएगा. कपिल शर्मा भी यही करते हैं. वे लोगों को हंसाते हैं. इसलिए विपक्ष के नेता का काम सिर्फ लोगों को हंसाना नहीं है, उन्हें देश को एक दिशा भी देनी होती है. इस बात का ध्यान रखना जरूरी है.”

वहीं, लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह से कांग्रेस नेताओं की गैर-मौजूदगी पर उन्होंने कहा, “मैं राहुल गांधी से थोड़ा असहमत हूं. हालांकि वे विपक्ष के नेता और एक समझदार व्यक्ति हैं, लेकिन जब देश और स्वतंत्रता दिवस मनाने की बात आती है, तो वैचारिक मतभेद पूरी तरह से अलग बात होती है.”

उन्होंने कहा, “मैं अभी एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था जहां मैंने कई लोगों को बहुत परेशान देखा. मुझे यह काफी अजीब लगा क्योंकि वैचारिक मतभेद कभी भी दुश्मनी का कारण नहीं होने चाहिए. यह राष्ट्रीय हित का मामला है. खड़गे और राहुल को निश्चित रूप से शामिल होना चाहिए था. यह देश से जुड़ा मामला है, यह किसी खास पार्टी से जुड़ा मामला नहीं है. चूंकि स्वतंत्रता दिवस एक राष्ट्रीय अवसर के रूप में मनाया जा रहा है, इसलिए उन्हें शामिल होना चाहिए था.”

क्या Prime Minister मोदी के किसी दूसरे राष्ट्राध्यक्षों को गले लगाना गलत है? इस पर अवध ओझा ने कहा, “इसमें बिल्कुल भी गलत नहीं है. कई देशों के प्रमुख एक-दूसरे से गले मिलते हैं, इसलिए इसमें कुछ भी बुरा नहीं है. हालांकि, जबरदस्ती किसी का हाथ नहीं पकड़ना चाहिए.”

सीजेपी का आम आदमी पार्टी से कथित कनेक्शन और जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के लिए अपशब्दों के इस्तेमाल पर अवध ओझा ने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता. हालांकि आम आदमी पार्टी ने उन्हें काफी समर्थन दिया है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई कनेक्शन है. जब फिल्में बनती हैं, तो हमारा समाज साहित्य और सिनेमा से बहुत कुछ सीखता है. इसलिए, जब फिल्मों में ही इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल होता है, तो बच्चे जाहिर तौर पर कहीं न कहीं से कुछ न कुछ सीखेंगे ही.”

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के भविष्य पर अवध ओझा ने कहा, “जिस तरह से युवाओं ने अपना संगठन बनाया है और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सामने आई है, वह एक स्वागत योग्य कदम है. हालांकि, इन युवाओं को एक दिशा निर्देशक मंडल भी बनाना चाहिए और कुछ अनुभवी लोगों को इसमें शामिल करना चाहिए जो उन्हें सही दिशा दिखा सकें. उनके पास उत्साह, समझदारी और उद्देश्य है. उनके पास सब कुछ है, लेकिन मेरी राय में पार्टी को एक वरिष्ठों का दिशा निर्देशक मंडल बनाना चाहिए, जो उन्हें अच्छी सलाह दे सके और प्रभावी ढंग से काम करना सिखा सके.”

डीसीएच/

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