
New Delhi, 25 अप्रैल . टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार बारामूला सांसद रशीद इंजीनियर ने अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है. एक दिन पहले दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने Friday को रशीद के बीमार पिता को देखने के लिए अंतरिम जमानत की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी थी. पटियाला हाउस कोर्ट के इस फैसले को रशीद ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है.
रशीद ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि उनके पिता बीमार हैं और वह वेंटिलेटर पर हैं. सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से पेश वकील ने कहा था कि उन्हें कस्टडी पैरोल पर रिहा किया जा सकता है. रशीद को 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक संसद के पूरे सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई थी. नवंबर 2025 में भी कोर्ट ने रशीद को संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी. सितंबर 2025 में हुए उपPresident के चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी गई थी. रशीद ने Lok Sabha चुनाव 2024 में जम्मू-कश्मीर के पूर्व Chief Minister उमर अब्दुल्ला को करीब एक लाख मतों से हराया था.
एनआईए के मुताबिक, हाफिज सईद ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं के साथ मिलकर हवाला और दूसरे चैनलों के जरिए आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन का लेनदेन किया था. इस धन का उपयोग वे घाटी में अशांति फैलाने, सुरक्षा बलों पर हमला करने, स्कूलों को जलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का काम किया था. इसकी सूचना गृह मंत्रालय को मिलने के बाद एनआईए ने भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था.
टेरर फंडिंग के आरोप में 2016 में एनआईए ने रशीद को गिरफ्तार किया था. पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासिन मलिक, शब्बीर शाह, मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताब अहमद शाह, अवतार अहम शाह, नईम खान और बशीर अहमद बट्ट उर्फ पीर सैफुल्ला समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.
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ओपी/डीकेपी