अफगान नागरिकों को निशाना बनाना पाकिस्तान की रणनीति का अहम हिस्सा

New Delhi, 17 मार्च . अफगानिस्तान में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ Pakistan के ताजा एयरस्ट्राइक में 400 आम नागरिक मारे गए. एयरस्ट्राइक के बाद आग लगने की वीडियो social media पर तेजी से वायरल हो रही है. अधिकारियों ने कहा कि यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा है और यह इशारा करता है कि Pakistan का अफगानिस्तान के साथ शुरू हुए युद्ध को रोकने का कोई प्लान नहीं है.

यह अफगानिस्तान में 2021 में हुए हमले के बाद सबसे खतरनाक हमला है. 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे और अमेरिकी सैनिकों के देश से वापसी के दौरान कुछ इस तरह का मंजर देखने को मिला था. उस हमले में एक सुसाइड बॉम्बिंग हुई थी, जिसमें 169 अफगान आम नागरिक और 13 अमेरिकी सेवा सदस्य मारे गए थे.

Pakistan और अफगानिस्तान के बीच फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से, सीमा वाले इलाकों में दोनों पक्षों के बीच बार-बार झड़पें हुई हैं. Pakistan ने अफगान तालिबान को दबाने के लिए अपनी वायु शक्ति का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है.

अधिकारियों ने कहा कि Pakistan जानता है कि वह तालिबान के साथ जमीनी स्तर पर अपनी सेना नहीं टिका सकता. उसने तालिबान से संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन काबुल इस बात पर अड़ा रहा है कि वह इस्लामाबाद से कोई दखल नहीं चाहता.

एक और अधिकारी ने कहा कि Pakistan अफगानिस्तान में शासन बदलने की कोशिश कर रहा है. एक हॉस्पिटल को निशाना बनाना इस्लामाबाद की तालिबान को यह संदेश देने की कोशिश है कि उन्हें बातचीत की टेबल पर आना होगा.

अफगानिस्तान के उप Governmentी प्रवक्ता, मंदुल्लाह फितरत ने कहा कि एयरस्ट्राइक स्थानीय समय के हिसाब से रात करीब 9 बजे हॉस्पिटल पर हुई. 2,000 बेड वाली इस फैसिलिटी का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया. उन्होंने यह भी कहा कि अब तक मरने वालों की संख्या 400 हो गई है, जबकि घायलों की संख्या 250 है. जब स्ट्राइक हुई, तब ड्रग ट्रीटमेंट हॉस्पिटल में करीब 2,000 लोगों का इलाज चल रहा था.

फितरत ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और टीमें आग पर काबू पाने और लाशों को निकालने के लिए काम कर रही हैं. हताहतों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती है.

अफगानिस्तान पर नजर रखने वालों ने कहा कि इस स्ट्राइक के नतीजे बहुत बड़े हो सकते हैं.

यह साफ तौर पर Pakistan का गलत अंदाजा है और इस पागलपन वाली करतूत से वह सिर्फ अफगान लोगों को एकजुट करने में कामयाब रहा है. अफगान के लोग, जो शुरू में तालिबान का साथ नहीं दे रहे थे, Pakistan के अफगान शरणार्थियों को बाहर निकालने के बाद Government का साथ देने लगे. अफगानिस्तान के लोगों ने इसे बर्बरता का काम माना और उन्होंने इस्लामाबाद के खिलाफ तालिबान की कार्रवाई को सही ठहराना शुरू कर दिया.

हालांकि, Pakistan ने हमले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार कर दिया. Pakistanी Prime Minister शहबाज शरीफ के प्रवक्ता, मुशर्रफ जैदी ने कहा कि काबुल के आरोप बेबुनियाद हैं और किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया.

Pakistan ने आगे कहा कि हमलों में ठीक सैन्य ठिकानों और आतंकवाद समर्थित ढांचों को निशाना बनाया गया, जिसमें अफगान तालिबान के तकनीकी उपकरण स्टोरेज और एम्युनिशन स्टोरेज शामिल थे. Pakistan बिना सबूत के दावा करता रहा कि अफगान तालिबान बेगुनाह Pakistanी नागरिकों को निशाना बनाने के लिए आतंकी समूह का समर्थन कर रहा है.

इस्लामाबाद 26 फरवरी से अफगानिस्तान पर हमला कर रहा है. Pakistan का दावा है कि उसने सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. हालांकि, हकीकत यह है कि कई हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं. हाल के हमलों के साथ, कम से कम 475 आम नागरिक मारे गए हैं, जबकि 1,15,000 लोग बेघर हो गए.

अधिकारियों ने कहा कि Pakistan अफगानिस्तान को तबाह करने पर तुला है और आम नागरिकों को निशाना बनाना यह साफ दिखाता है. Pakistan इस बात का भी फायदा उठाना चाहता है कि दुनिया का ध्यान ईरान में युद्ध पर है.

अधिकारियों ने यह भी कहा कि बाकी दुनिया से कोई दखल न होने की वजह से, Pakistan अफगानिस्तान के लोगों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना चाहता है.

युद्ध शुरू होने के बाद से, Pakistan अफगानिस्तान में Government बदलने की कोशिश कर रहा है. इस्लामाबाद को पता है कि Government को लोगों का समर्थन है. इसी वजह से इतने सारे आम लोगों को टारगेट किया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगान के लोग अपने बच्चों के साथ बॉर्डर पर जाकर Pakistanी सेना के खिलाफ लड़ने को तैयार हैं. अधिकारियों ने यह भी कहा कि Pakistanी सेना लोगों को तालिबान का समर्थन करने से रोकना चाहती है और इसलिए आम लोगों को मार रही है.

केके/एएस

Leave a Comment