
चेन्नई, 4 अगस्त . तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके Government अपने पहले बजट में शिक्षा से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं की घोषणा कर सकती है. इनमें Governmentी स्कूलों से Governmentी कॉलेजों में जाने वाले छात्रों के लिए 8,000 रुपये की आर्थिक मदद और छोटे किसानों के बच्चों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा जैसी योजनाएं शामिल हैं.
तमिलनाडु का बजट 5 अगस्त को विधानसभा में पेश किया जाएगा और उसके बाद 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए तैयारियां चल रही हैं. लोगों को इससे काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह विजय Government का पहला पूर्ण बजट होगा.
खबरों के अनुसार, शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के मकसद से “वेट्री तमिलनाडु” नाम के पांच साल के विजन प्लान के तहत शिक्षा से जुड़ी कई घोषणाओं पर विचार किया जा रहा है.
Government से यह भी उम्मीद है कि वह शिक्षा को ‘राज्य सूची’ में लाने के अपने रुख को दोहराएगी और शिक्षा क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को दूर करने के उपायों की रूपरेखा बताएगी. इन बाधाओं में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नीट परीक्षा को लागू करना भी शामिल है.
खबरों के मुताबिक, जिन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम से लेकर रिसर्च स्टडीज़ तक के कोर्स करने वाले छात्रों के लिए 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला एजुकेशन लोन शामिल है. Government उन किसानों के बच्चों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा की घोषणा भी कर सकती है, जिनके पास दो एकड़ से कम खेती योग्य जमीन है.
एक और अहम प्रस्ताव यह है कि Governmentी स्कूलों के छात्रों के लिए अंडरग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट एडमिशन में आरक्षण को मौजूदा 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जाए.
उन जिलों में पांच नए Governmentी इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जहां अभी कोई Governmentी प्रोफेशनल कॉलेज नहीं है. लगभग 30 Governmentी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों को ऑटोनॉमस संस्थानों में अपग्रेड भी किया जा सकता है.
कॉलेज एडमिशन से जुड़े आर्थिक बोझ को कम करने के लिए, Government उन छात्रों के लिए 8,000 रुपये की एकमुश्त सहायता की योजना बना रही है, जिन्होंने Governmentी स्कूलों में पढ़ाई की है और बाद में Governmentी कॉलेजों में एडमिशन लिया है.
बजट उभरती हुई टेक्नोलॉजी को भी बड़ा बढ़ावा दे सकता है. Government ‘पेरियार इंस्टीट्यूट ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ स्थापित करने पर विचार कर रही है. यह एक खास यूनिवर्सिटी होगी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, क्लाइमेट टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी.
प्रस्तावित उपाय Government के व्यापक पांच साल के शिक्षा रोडमैप का एक अहम हिस्सा होंगे और बजट में इनके लिए फंडिंग और इन्हें लागू करने के बारे में जानकारी दी जा सकती है.
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ओपी/पीएम