
चेन्नई, 27 दिसंबर . तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के महासचिव और पूर्व Chief Minister एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने Chief Minister एम.के. स्टालिन को फिर से खुली चुनौती देते हुए कहा है कि उनकी ‘खुली चुनौती’ अभी भी बरकरार है.
ईपीएस ने स्टालिन से डीएमके Government के शासन रिकॉर्ड, टूटे वादों और प्रशासनिक विफलताओं पर सार्वजनिक मंच पर सीधा सामना करने की मांग की है.
कल्लाकुरिची में Chief Minister स्टालिन के हालिया भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ईपीएस ने कहा कि यह विडंबना है कि स्टालिन ने उसी जिले से ‘खुली चुनौती’ देने का फैसला किया, जिसका गठन और विकास एआईएडीएमके Government के दौरान हुआ. उन्होंने कहा, “क्या Chief Minister भूल गए कि कल्लाकुरिची जिला मेरे नेतृत्व वाली एआईएडीएमके Government ने बनाया था? वहां का Governmentी मेडिकल कॉलेज एआईएडीएमके की स्थायी उपलब्धि है.”
ईपीएस ने डीएमके Government पर ‘स्टिकर पॉलिटिक्स’ का आरोप लगाते हुए कहा कि स्टालिन का पूरा कार्यकाल एआईएडीएमके की योजनाओं पर स्टिकर चिपकाने, रिबन काटने और फोटो शूट में बीता है. ईपीएस ने तंज कसा, “जब 95 प्रतिशत समय पुरानी योजनाओं पर स्टिकर लगाने में गया, तो बाकी 5 प्रतिशत पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार भी क्या बचा है?”
उन्होंने डीएमके पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा देने, महिलाओं की सुरक्षा खतरे में डालने और शिक्षकों, नर्सों, Governmentी कर्मचारियों, विकलांगों समेत कई वर्गों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया.
ईपीएस ने पूछा, “पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था को खत्म करने के बाद क्या आपको अपनी कॉलर ऊंची करके बोलते समय शर्म नहीं आती?”
लैपटॉप वितरण योजना पर हमला बोलते हुए ईपीएस ने कहा कि डीएमके ने साढ़े चार साल तक लैपटॉप देने से इनकार किया, लेकिन चुनाव के डर से अब जल्दबाजी में बांट रही है. उन्होंने छात्रों के लिए छह महीने के एआई सब्सक्रिप्शन की घोषणा को भी ‘धोखा’ करार दिया और कहा, “20 लाख लैपटॉप का दावा है, लेकिन असल में कितने छात्रों तक पहुंचे और कब? आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल है.”
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एससीएच/डीएससी