
गुरुग्राम, 27 अप्रैल . गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर Supreme Court ने बड़ा फैसला सुनाया है. याचिकाकर्ताओं ने बुलडोजर एक्शन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन सीजेआई ने इसे ठुकरा दिया. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इससे प्रभावित है तो उसे पंजाब और Haryana हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए.
यह मामला गुरुग्राम में चल रही अतिक्रमण विरोधी मुहिम से जुड़ा है. हाल के दिनों में प्रशासन ने डीएलएफ फेज-1, गोल्फ कोर्स रोड, साउथ सिटी और अन्य पॉश इलाकों में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई शुरू की थी. रैंप, गार्ड रूम, बाउंड्री वॉल और सड़कों पर बने अवैध अतिक्रमण हटाए जा रहे थे. यह कार्रवाई पंजाब और Haryana हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई थी, जिसमें स्टिल्ट प्लस चार मंजिला निर्माण नीति पर रोक लगाई गई थी.
याचिकाकर्ताओं ने Supreme Court में दलील दी कि बिना नोटिस दिए वैध निर्माणों को भी तोड़ा जा रहा है, जो गलत है. उन्होंने तत्काल प्रभाव से बुलडोजर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने इस पर सहमति नहीं जताई. उन्होंने कहा, “वहां कई सारे अवैध निर्माण हैं. अगर हाईकोर्ट अपनी संवैधानिक भूमिका निभा रहा है तो हम उसमें बाधा क्यों बनें?”
Supreme Court ने याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि वे अपना पक्ष पंजाब और Haryana हाईकोर्ट के सामने रखें. इससे पहले कि कोई गलत निर्माण बच जाए या निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचे, हाईकोर्ट स्तर पर ही मामला सुलझाया जाए.
लंबे समय से पॉश कॉलोनियों में भी सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण की शिकायतें आ रही थीं. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शहर की ट्रैफिक समस्या कम करने और सही प्लानिंग लागू करने के लिए जरूरी है.
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एसएचके/वीसी