
New Delhi, 7 जुलाई . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने Tuesday को इस क्षेत्र में देश की अंतर्निहित क्षमता का पता लगाने और उसका उपयोग करने की पुरजोर वकालत की.
राज्यसभा सांसद ने इस अवसर को पहचानने और देश को पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के लिए Narendra Modi Government के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की.
त्रिवेदी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र का मुख्यालय Gujarat के जामनगर में स्थापित किया गया है. India अब पारंपरिक चिकित्सा के ज्ञान को प्रमाणित करने, दस्तावेजीकरण करने और विश्व के साथ साझा करने के केंद्र के रूप में कार्य करेगा.
उन्होंने पिछली Governmentों की देश की अंतर्निहित क्षमता के प्रति ‘अज्ञानता’ और इसके दोहन के लिए पर्याप्त प्रयास न करने के लिए भी आलोचना की.
2016 के नोबेल पुरस्कार का उदाहरण देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मेडिकल और फिजियोलॉजी का नोबेल पुरस्कार जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओसुमी को दिया गया था. उन्हें यह सम्मान ऑटोफैगी पर उनके शोध के लिए मिला – एक ऐसी प्रक्रिया जिसके द्वारा कोशिकाएं स्वयं को शुद्ध करती हैं. यदि कोई 12 से 14 घंटे उपवास करता है, तो शरीर की कोशिकाएं अपशिष्ट तत्वों को बाहर निकाल देती हैं, और नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया में सुधार होता है.
BJP MP ने आगे कहा कि हमारे (भारत) में सदियों से उपवास की परंपरा रही है. यदि हमने अपने पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किया होता और इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत किया होता, तो संभवत: इस तरह की खोज का श्रेय India को ही मिलता.
प्रेस से बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता त्रिवेदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर आईफोन निर्माण, स्मार्टफोन और फार्मास्यूटिकल्स तक विभिन्न क्षेत्रों में देश की विकास यात्रा की सराहना की और बताया कि कैसे देश वैश्विक स्तर पर एक नगण्य स्थिति से एक महत्वपूर्ण आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है.
उन्होंने कहा कि आज की नई वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में, केवल तीन राष्ट्र – संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और India – तीन प्रमुख शक्तियों के रूप में उभर रहे हैं और अब समय आ गया है कि India इलेक्ट्रॉनिक्स, स्मार्टफोन और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करे.
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि चीन के अलावा, India आज एकमात्र ऐसा देश है जो बड़े पैमाने पर उच्च-स्तरीय आईफोन का उत्पादन कर रहा है.
उन्होंने कहा कि आज India अमेरिका में इस्तेमाल होने वाली लगभग 40 प्रतिशत जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है. India की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर वैश्विक विश्वास लगातार बढ़ा है.
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