
कोलकाता, 19 अगस्त . पश्चिम बंगाल में भाजपा ने आंतरिक अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आसनसोल के दो नेताओं को Policeकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और Governmentी काम में बाधा डालने के आरोप में निलंबित कर दिया है. पार्टी ने घटना के बाद रानीगंज मंडल (एक) समिति को भी भंग कर दिया है.
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने Wednesday को बताया कि रानीगंज मंडल के नेता आनंद साव और आसनसोल संगठनात्मक जिला सचिव बादशाह चटर्जी को सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है.
आसनसोल जिला अध्यक्ष देबतानु भट्टाचार्य ने दोनों नेताओं को घटनाक्रम के संबंध में नोटिस जारी किया है.
यह मामला 14 अगस्त का है, जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कथित तौर पर झड़प हो गई थी. इसके बाद Police ने घटना के सिलसिले में कई स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था.
भाजपा के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में बादशाह चटर्जी भी शामिल थे. इसके बाद आनंद साव और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग तथा Police कार्रवाई के विरोध में थाने पहुंचे थे.
थाने के अंदर भाजपा कार्यकर्ताओं और Policeकर्मियों के बीच गिरफ्तारियों को लेकर कथित तौर पर तीखी बहस हो गई. इसके बाद Police ने साव समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान भाजपा नेता और Policeकर्मियों के बीच कथित टकराव का एक वीडियो भी social media पर वायरल हुआ. हालांकि, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं या Police की ओर से अब तक इस घटना पर विस्तार से सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई है.
इधर, भाजपा ने Tuesday रात दोनों नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की. साव और चटर्जी को नोटिस जारी करने के साथ ही रानीगंज मंडल (एक) समिति को भंग कर दिया गया.
नोटिस में कथित दुर्व्यवहार का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है. भट्टाचार्य ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और अन्य संबंधित मुद्दों को देखते हुए सक्षम अधिकारियों की मंजूरी के बाद दोनों नेताओं को तत्काल प्रभाव से सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है.
पार्टी की कार्रवाई के बाद रानीगंज में Political चर्चाएं तेज हो गई हैं. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं से जुड़ी Police के साथ हुई झड़प को लेकर चिंतित था, खासकर विहिप के साथ तनाव और उसके बाद थाने में Police के साथ हुए विवाद को देखते हुए.
भाजपा की इस कार्रवाई को घटनाक्रम के Political प्रभाव को सीमित करने और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था लागू करने वाली एजेंसियों के साथ टकराव से बचने का संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
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डीएससी