
गौतमबुद्धनगर, 20 अप्रैल . जनपद में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है. मॉडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हॉर्न और हूटर के अवैध इस्तेमाल पर अब व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.
इस संबंध में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ उदित नारायण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में विशेष अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की Lucknow पीठ द्वारा इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया गया है और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. इसी के तहत परिवहन विभाग ने रणनीति तैयार कर ली है, जिसके अंतर्गत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
अभियान के तहत ट्रांसपोर्ट यूनियनों, मोटर गैराज संचालकों और वर्कशॉप मालिकों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी. इन बैठकों के माध्यम से उन्हें ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों और मोटरयान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाएगा. साथ ही आम नागरिकों को भी विभाग के हेल्पलाइन नंबरों के जरिए शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके.
डॉ. पांडेय ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान मोटर गैराज और वर्कशॉप का औचक निरीक्षण किया जाएगा. यदि किसी भी स्थान पर मॉडिफाइड साइलेन्सर या अन्य ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों की बिक्री या फिटिंग पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें भारी जुर्माना और अन्य कानूनी दंड शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा, जिन वाहन स्वामियों ने अपने वाहनों में अनधिकृत परिवर्तन कर रखे हैं, उनके खिलाफ भी चालान किया जाएगा.
सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वाहनों का उपयोग करने पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस को निर्धारित अवधि के लिए निलंबित या अयोग्य घोषित किया जा सकता है. साथ ही ऐसे वाहनों के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) को भी निलंबित करने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी.
परिवहन विभाग द्वारा प्रवर्तन टीमों को सक्रिय करते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी ने कहा कि इस अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने आमजन से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और मॉडिफाइड साइलेन्सर या प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल न करें. इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि सड़क सुरक्षा भी प्रभावित होती है.
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पीकेटी/डीकेपी