
New Delhi, 27 अप्रैल . दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता और शहर भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पूर्व Chief Minister और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर उच्च न्यायपालिका में अविश्वास जताने और भ्रष्टाचार के एक मामले में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ पक्षपात की आशंका जताने के लिए उनकी ‘चालबाजी’ की कड़ी आलोचना की.
सचदेवा ने 2022 के दिल्ली शराब घोटाले में आरोपी केजरीवाल की Monday को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा को पत्र लिखकर उन पर अविश्वास जताने की निंदा की.
Chief Minister गुप्ता ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि केजरीवाल साहब उन लोगों में से एक हैं जो कहते हैं कि हम भी वकील हैं, हम भी गवाह हैं और हम भी जज हैं. अगर सब कुछ एक जैसा है, तो इस न्याय व्यवस्था की क्या जरूरत है?
Chief Minister ने पूछा कि जिस तरह से आप व्यवहार कर रहे हैं, कह रहे हैं कि मैं अदालत नहीं जाऊंगा. आपने एक जज पर जो आरोप लगाए, जो सवाल उठाए – क्या यह आपके लिए शोभा देता है?
Chief Minister ने कहा कि शराब घोटाले में फंसा एक अपराधी, जिसके खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर आरोपपत्र दर्ज हैं, न्याय के स्तंभ के खिलाफ आवाज उठा रहा है और कह रहा है कि वे मेरे खिलाफ कोई फैसला ले सकते हैं… बाहर बैठकर आप कहते हैं कि मैं सत्याग्रही बन गया हूं – खैर, मुझे लगता है कि यह एक घटिया मजाक के अलावा कुछ नहीं है, एक ऐसा मजाक जिसे न तो जनता पसंद करती है और न ही हमारी न्याय व्यवस्था इसकी इजाजत देती है.
इससे पहले, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केजरीवाल, जिन्होंने संविधान का पालन करने की शपथ ली और तीन बार दिल्ली के Chief Minister बने, अब भ्रष्टाचार के दंड के डर से उसी संविधान की गरिमा को धूमिल कर रहे हैं.
सचदेवा ने कहा कि संविधान और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार केजरीवाल ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने सहित सभी संभव कानूनी उपाय अपनाए, लेकिन सभी स्तरों पर असफल होने के बाद, उन्होंने अब फिर से उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पत्र लिखकर सारी हदें पार कर दी हैं.
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि केजरीवाल शराब घोटाले को लेकर लगातार Political नाटकबाजी कर रहे हैं और उच्च न्यायालय में अपनी अपील हारने के बाद अब न्यायाधीश पर व्यक्तिगत आरोप लगाकर सारी हदें पार कर रहे हैं.
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एमएस/