गंगा दशहरा पर मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए विशेष अभियान, सीएम ने जनभागीदारी बढ़ाने के दिए निर्देश

Bhopal , 26 अप्रैल . Madhya Pradesh Government जल संरक्षण प्रयासों को और तेज करने के उद्देश्य से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत पूरे राज्य में 25 मई को विशेष गतिविधियों का आयोजन करेगी. उनका आयोजन गंगा दशहरा के अवसर पर होगा.

Chief Minister मोहन यादव ने Saturday देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्यस्तरीय बैठक में अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि 19 मार्च को शुरू की गई यह पहल (जल गंगा संवर्धन अभियान) 30 जून तक जारी रहेगी, जिसमें जनभागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

Chief Minister यादव ने कहा, “जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनना चाहिए. कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नहरों की सफाई के साथ-साथ पौधरोपण, घाटों की सफाई और जल संरक्षण गतिविधियों जैसे सामूहिक स्वैच्छिक प्रयासों को ग्राम और वार्ड स्तर पर चलाया जाना चाहिए.”

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गंगा दशहरा कार्यक्रमों में पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, गैर Governmentी संगठनों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों, महिला स्वयं सहायता समूहों और व्यापार संघों की भागीदारी हो, ताकि जल संरक्षण एक जनप्रेरित प्रयास बन सके.

अभियान के व्यापक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत 16 विभागों में 82 गतिविधियों की पहचान की गई है. उन्होंने कहा कि सहभागी जल संरक्षण में Madhya Pradesh राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनकर उभरा है, जिसमें डिंडोरी और खंडवा जिले राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो स्थान पर हैं.

उन्होंने बताया कि केंद्र के जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत डिंडोरी ने देश में पहला जबकि खंडवा ने दूसरा स्थान हासिल किया है, जो सामुदायिक स्तर पर संचालित जल संरक्षण में राज्य के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है.

Chief Minister यादव ने विभागीय गतिविधियों की निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया और दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जिला-वार रैंकिंग प्रणाली शुरू करने का आह्वान किया.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गर्मियों के दौरान सार्वजनिक पेयजल कियोस्क की व्यवस्था सुनिश्चित करें, जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से जल गुणवत्ता परीक्षण करें.

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के तहत 6,232 करोड़ रुपए की लागत से 2.43 लाख से अधिक कार्यों की योजना बनाई गई है, जिसमें खंडवा, खरगोन, दिंडोरी, राजगढ़ और बालाघाट जैसे जिले कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं.

शहरी स्थानीय निकाय वर्षा जल संचयन, नालियों और जलमार्गों की सफाई और सौंदर्यीकरण पहलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्यभर में रैलियों, सेमिनारों और नुक्कड़ नाटकों सहित जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं.

एसएके/वीसी

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