पर्यटन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है: जयराम गामित

सूरत, 1 मई . Gujarat Government ने उकाई क्षेत्र में पर्यटन के विकास के लिए 125 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. राज्य के पर्यटन मंत्री डॉ. जयराम गामित ने Friday को यह जानकारी दी.

सूरत स्थित एयूआरओ विश्वविद्यालय में आयोजित वाइब्रेंट Gujarat रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) में ‘रूरल, ट्राइबल एंड वेडिंग टूरिज्म’ विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए गामित ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन के विकास के माध्यम से ही सच्चे मायने में आत्मनिर्भर India का सपना साकार हो सकता है.

उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है और उन्होंने सपूतारा सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राज्य Government द्वारा किए गए प्रयासों का विवरण दिया.

मंत्री के अनुसार, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से रोजगार और स्वरोजगार दोनों के अवसर पैदा होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

गामित ने आगे कहा कि पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि उत्पादों, हस्तशिल्पों के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को व्यापक पहचान मिलेगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे उपाय आत्मनिर्भर India की अवधारणा को साकार करने में सहायक होंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि Prime Minister Narendra Modi पर्यटन विकास के माध्यम से आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रहे हैं.

Gujarat की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए गामित ने कहा कि राज्य के आदिवासी क्षेत्र, तटीय क्षेत्र, रेगिस्तानी इलाके और विश्व स्तरीय रिसॉर्ट पर्यटन विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं, जिनमें डेस्टिनेशन वेडिंग टूरिज्म भी शामिल है.

पर्यटन विभाग के अधिकारी एचएम सोलंकी ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन के योगदान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया और ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन विकास के अवसरों के साथ-साथ रोजगार सृजन में इसकी भूमिका की रूपरेखा भी बताई.

इस सेमिनार में टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी और अन्य हितधारक उपस्थित थे.

एमएस/

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