
Mumbai , 15 जुलाई . शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एनसी ने Maharashtra Government द्वारा किसानों के 48 हजार करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल माफ करने के फैसले पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि महायुति Government किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और विकास से जुड़े मुद्दों को राजनीति के बजाय जनहित के नजरिए से देखा जाना चाहिए.
उन्होंने परिसीमन के मुद्दे, एनसीपी (शरद पवार) के नेता जयंत पाटिल और Chief Minister देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात, राम रक्षा स्तोत्र को लेकर मचे घमासान पर विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया.
Maharashtra Government द्वारा किसानों के लगभग 48 हजार करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल माफ करने के फैसले को विपक्ष द्वारा चुनावी घोषणा बताए जाने पर शायना एनसी ने कहा कि यह निर्णय किसी चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया है. यह लंबे समय से किसानों की मांग और Government की प्रतिबद्धता का परिणाम है. कई किसान संगठनों की ओर से बिजली बिलों में राहत देने की मांग लगातार उठाई जा रही थी. महायुति Government किसानों के प्रति संवेदनशील है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए यह फैसला लिया गया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के लिए पात्रता की शर्तें तय की जाएंगी. Government पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से लागू करेगी. किसानों से किया गया यह वादा पहले से Government की प्राथमिकताओं में शामिल था और इसे केवल चुनाव से जोड़कर देखना उचित नहीं है.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले के परिसीमन विधेयक पर अंतिम मसौदा आने के बाद ही आधिकारिक रुख तय करने की बात पर शायना एनसी ने कहा कि परिसीमन लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक आवश्यक प्रक्रिया है. जनगणना के आधार पर जिन क्षेत्रों में आबादी बढ़ी है या घटी है, वहां नए सिरे से निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण करना आवश्यक होता है. इससे पूरे देश में प्रतिनिधित्व का संतुलन बेहतर होगा और किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं होगा.
उन्होंने सुप्रिया सुले से अपील करते हुए कहा कि जब यह विषय संसद में चर्चा के लिए आए, तब उस पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया जाए. देशभर में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिसीमन का समर्थन किया जाना चाहिए.
एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मुलाकात को लेकर चल रही अटकलों पर शायना एनसी ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का विभिन्न विकास कार्यों और अपने विधानसभा क्षेत्रों के मुद्दों को लेकर Chief Minister से मिलना सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है. जयंत पाटिल लंबे समय तक मंत्री रह चुके हैं और एक अनुभवी नेता हैं. इसी तरह वे पहले भी उपChief Minister एकनाथ शिंदे से विभिन्न मुद्दों पर मिलते रहे हैं. इसलिए Chief Minister से उनकी मुलाकात को Political चश्मे से देखने के बजाय विकास और जनहित के संदर्भ में देखा जाना चाहिए.
Chief Minister देवेंद्र फडणवीस की राम रक्षा स्तोत्र संबंधी टिप्पणी की आलोचना करने वाले शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे के बयान पर शायना एनसी ने कहा कि किसी की आस्था का मौखिक परीक्षण नहीं लिया जा रहा है. करोड़ों भारतीयों ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया, लेकिन उन्होंने कभी उसका प्रचार या व्यक्तिगत श्रेय नहीं मांगा. दान श्रद्धा का विषय होता है; उसका Political प्रदर्शन नहीं होना चाहिए.
उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन और हिंदुत्व की मूल विचारधारा को लेकर बालासाहेब ठाकरे के विचारों को नहीं भूलना चाहिए. आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था, विश्वास और वर्षों के प्रयासों का परिणाम है और इस विषय पर राजनीति करने के बजाय श्रद्धा का सम्मान किया जाना चाहिए.
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पीएसके/एबीएम