
कराची, 4 जुलाई . Pakistan की संघीय Government में शामिल सहयोगी पार्टी मानी जाने वाली मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट–Pakistan (एमक्यूएम-पी ) ने केंद्र में बैठी शहबाज शरीफ Government को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसके साथ हुए समझौते को लागू नहीं किया गया तो वह पूरे सिंध में आंदोलन शुरू करेगी.
एमक्यूएम-पी, जो Prime Minister शहबाज शरीफ की Government में गठबंधन सहयोगी है. प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के मुताबिक एमक्यूएम-पी ने आरोप लगाया है कि 2022 में हुए 18-सूत्रीय समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया. पार्टी का कहना है कि यह समझौता Government बनाने से पहले Political सहमति का हिस्सा था, जिसमें स्थानीय शासन, नौकरियों में कोटा प्रणाली और संसाधनों के बंटवारे जैसे अहम मुद्दे शामिल थे.
कराची में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एमक्यूएम-पी के वरिष्ठ नेता फारूक सत्तार ने इसे “अंतिम चेतावनी” बताया और कहा, “यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो पार्टी ऐसा विरोध आंदोलन शुरू करेगी जिसे रोकना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा कि पार्टी ने न तो प्रांतीय Government में हिस्सेदारी मांगी और न ही अतिरिक्त अधिकार, बल्कि केवल अपने समझौते के क्रियान्वयन की मांग कर रही है.”
सत्तार ने यह भी दावा किया कि समझौते के गारंटर के तौर पर शहबाज शरीफ स्वयं शामिल थे, इसलिए अब केंद्र Government की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसे लागू कराए. उन्होंने कहा कि 18 में से एक भी बिंदु अब तक लागू नहीं हुआ है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है.
पार्टी ने संविधान के अनुच्छेद 149 का हवाला देते हुए संघीय हस्तक्षेप या जनमत संग्रह की मांग भी उठाई. साथ ही कराची में स्थानीय Government व्यवस्था, फर्जी डोमिसाइल और Governmentी नौकरियों में कोटा प्रणाली खत्म करने की मांग दोहराई गई.
एमक्यूएम-पी, जो केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, सिंध प्रांत में विपक्ष की भूमिका निभा रही है. पार्टी का कहना है कि कराची और अन्य शहरी क्षेत्रों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे Political तनाव बढ़ता जा रहा है.
Government की एक सहयोगी पार्टी का इस तरह खुलकर विरोध करना शहबाज Government के लिए Political चुनौती बन सकता है और गठबंधन के भीतर असंतोष को भी उजागर करता है.
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केआर/