राजस्थान के भिवाड़ी में एक रासायनिक कारखाने में लगी आग, सात श्रमिकों की मौत

jaipur, 16 फरवरी . Rajasthan के भिवाड़ी में Monday को एक रासायनिक विनिर्माण इकाई में भीषण आग लग गई, जिसमें सात श्रमिकों की जान चली गई, जबकि दो अन्य के परिसर के अंदर फंसे होने की आशंका है.

अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग लगने के समय लगभग 25 मजदूर मौजूद थे. आग सुबह करीब 9.30 बजे खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर जी-1-118 बी में लगी.

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आग अचानक एक निजी औद्योगिक इकाई के अंदर भड़की और तेजी से फैल गई, जिससे कुछ ही मिनटों में कारखाने के बड़े हिस्से आग की चपेट में आ गए.

फायर ब्रिगेड को सुबह लगभग 9.22 बजे Police कंट्रोल रूम से सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई.

खुशखेड़ा और भिवाड़ी दमकल स्टेशनों से अग्निशमन गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं. दमकलकर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे तक आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की.

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सुमिता मिश्रा ने बताया कि घटना की जानकारी सबसे पहले इलाके में नियमित Police गश्त के दौरान मिली. आग लगने की पुष्टि होते ही तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया. Police, दमकलकर्मी, चिकित्सा दल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों में सहायता के लिए इलाके को घेर लिया.

आग की तीव्रता भीषण थी, कई शव झुलसी हुई हालत में बरामद किए गए. घायल श्रमिकों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया.

अधिकारियों ने अभी तक आग लगने के सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है. तिजारा के Police उपाधीक्षक शिवराज सिंह घटनास्थल पर प्रारंभिक जांच की निगरानी कर रहे हैं. Police अधीक्षक और एडीएम सहित वरिष्ठ जिला अधिकारी स्थिति की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं.

जिला प्रशासन ने आग लगने के कारण का पता लगाने और सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी चूक का आकलन करने के लिए मजिस्ट्रेट जांच की घोषणा की है. इस दुखद घटना ने औद्योगिक क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है और कार्यस्थल सुरक्षा मानकों के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.

Rajasthan कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने समाचार एजेंसी से बात आरोप लगाया कि राज्य में लोगों की जान बचाने के लिए Government कोई कदम नहीं उठा रही है. उन्होंने हाल ही में घटी कई घटनाओं का हवाला दिया और कहा कि Government लोगों की जान बचाने को लेकर गंभीर नहीं है.

एसएके

Leave a Comment