
पुणे, 6 जुलाई . Maharashtra के पुणे में बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. पिछले तीन-चार दिनों से जिले में रेड अलर्ट जारी है. भारी वर्षा के कारण कई इलाकों में भूस्खलन, बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है. इस बीच पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने जिले की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी.
कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने से बातचीत में बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से पुणे में लगातार रेड अलर्ट जारी है. पिछले दो दिनों के दौरान जिले के कई इलाकों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं और कई सड़कें बंद करनी पड़ीं. भारी बारिश के कारण कई लोग अलग-अलग क्षेत्रों में फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन ने समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला. इसके अलावा कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी, जिससे राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए गए.
कलेक्टर ने बताया कि भूस्खलन और अन्य बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 20 लोग घायल हुए हैं. दो-तीन स्थानों पर भूस्खलन के कारण लोगों की जान गई, जबकि एक स्थान पर दीवार गिरने से कई लोग घायल हुए और एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई. कुछ स्थानों पर पशुओं की भी मौत हुई है. हालांकि, अन्य जगहों पर जिन लोगों को मामूली चोटें आई हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी.
जितेंद्र डूडी ने बताया कि लोनावला क्षेत्र में अभी भी लगातार तेज बारिश हो रही है और वहां जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वहां राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की अतिरिक्त टीम तैनात की है. लोनावला में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. देहू और आलंदी की यात्रा शुरू होने जा रही है. भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने वारकरियों से विशेष अपील की है कि वे देहू और आलंदी पहुंचने के बजाय पुणे महानगरपालिका क्षेत्र या उसके आगे के निर्धारित पड़ावों से यात्रा में शामिल हों.
उन्होंने कहा कि देहू और आलंदी में जगह की कमी और अधिक जलभराव के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसलिए श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके.
कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने बताया कि जिले में फिलहाल 9 सड़कों को एहतियातन बंद किया गया है. इनमें अधिकांश छोटे मार्ग हैं, जबकि दो प्रमुख सड़कें भी यातायात के लिए बंद हैं. उन्होंने बताया कि जिले में 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं. इन सभी स्थानों पर संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय से मलबा हटाने, सड़कें खोलने और राहत कार्यों का काम तेजी से पूरा किया है.
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पीएसके/एबीएम