
जम्मू, 24 मई . जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद-विरोधी अभियान Sunday को दूसरे दिन में प्रवेश कर गया. छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात रहे.
Saturday को जंगल वाले इलाके में उस वक्त मुठभेड़ शुरू हो गई, जब छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी कर दी.
आतंकवादियों की गोलीबारी का जवाब दिया गया, जिसके बाद वहां मुठभेड़ शुरू हो गई. सेना, जम्मू-कश्मीर Police और सीआरपीएफ सहित सुरक्षा बलों ने राजौरी जिले के गम्भीर मुगलन के जंगलों में 2-3 आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खुफिया जानकारी के बाद इलाके में मिलकर आतंकवाद-विरोधी अभियान शुरू किया.
नागरोटा स्थित सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने Saturday को एक्स पोस्ट में कहा, “ऑपरेशन शेरवाली: आतंकवादियों से मुठभेड़.”
सेना ने कहा, “आज सुबह करीब 11:30 बजे जम्मू-कश्मीर Police और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाए गए एक इंटेलिजेंस-आधारित संयुक्त ऑपरेशन के दौरान, गंभीर मुगलन, राजौरी के इलाके में आतंकवादियों से संपर्क स्थापित हुआ. सैनिकों ने तुरंत और नपे-तुले तरीके से जवाबी कार्रवाई की. दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई और इलाके की घेराबंदी प्रभावी ढंग से कर ली गई है. ऑपरेशन अभी भी जारी है.”
कल आतंकवादियों से संपर्क स्थापित होने के बाद छिपे हुए आतंकवादियों के भागने के रास्तों को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तुरंत मौके पर भेजे गए.
माना जा रहा है कि जंगल के इस इलाके में दो से तीन आतंकवादी फंसे हो सकते हैं. राजौरी जिले की पीर पंजाल रेंज में स्थित यह जंगली इलाका, अपनी खड़ी पहाड़ियों, घने जंगलों और सीमित पहुंच के कारण आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में से एक माना जाता है.
सुरक्षाकर्मियों ने आस-पास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. जगह-जगह चेकपॉइंट बनाए गए हैं. साथ ही, वाहनों और पैदल चलने वालों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है. पूरे दिन तलाशी अभियान जारी रहा, जिसके तहत सुरक्षा बलों ने जंगल के कई हिस्सों में व्यवस्थित तरीके से सघन तलाशी अभियान चलाए.
पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और तलाशी अभियान अभी भी जारी हैं. स्थानीय लोग सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे.
इस अभियान में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.
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पीएसके