एसबीआई ने वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार को सौंपा 8,813 करोड़ रुपए का डिविडेंड चेक

New Delhi, 8 जून . देश के सबसे बड़े Governmentी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने Monday को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र Government को 8,813 करोड़ रुपए का डिविडेंड (लाभांश) चेक सौंपा.

यह चेक एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपा.

वित्त मंत्री कार्यालय (एफएमओ) ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर इस जानकारी को साझा करते हुए बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8,813 करोड़ रुपए का डिविडेंड चेक प्राप्त किया है.

यह लाभांश भुगतान सार्वजनिक क्षेत्र के इस बड़े बैंक के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है. साथ ही, यह केंद्र Government की गैर-कर (नॉन-टैक्स) आय में एक महत्वपूर्ण योगदान भी माना जा रहा है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब एसबीआई देश के बैंकिंग और डिजिटल भुगतान तंत्र में एक अहम भूमिका निभा रहा है.

सी.एस. शेट्टी के नेतृत्व में एसबीआई लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद India की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और देश की दीर्घकालिक विकास संभावनाएं बेहतर बनी हुई हैं.

इस महीने की शुरुआत में सी.एस. शेट्टी ने कहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला आर्थिक परिस्थितियों को संतुलित करने और विकास को समर्थन देने में मदद करेगा.

Mumbai में आयोजित एक उद्योग कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि महंगाई की स्थिति नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है, लेकिन मौजूदा समय में ब्याज दरों में कोई बदलाव न करना वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और अर्थव्यवस्था की सुचारु वृद्धि के लिए लाभकारी होगा.

उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर बाजार की उम्मीद है कि इस समय ब्याज दरों में ठहराव आ सकता है. महंगाई की स्थिति महत्वपूर्ण है, लेकिन दरों को स्थिर रखना निश्चित रूप से हालात को संतुलित करने और विकास को सुचारु बनाए रखने में मदद करेगा.”

इसके अलावा, देश के सबसे बड़े बैंक के चेयरमैन ने निवेशकों से शेयर बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से आगे देखने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि निवेशकों को India की दीर्घकालिक विकास कहानी पर ध्यान देना चाहिए, जो बैंकिंग सुधारों, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे के विकास से संचालित हो रही है.

सी.एस. शेट्टी ने कहा, “सिर्फ सेंसेक्स को मत देखिए, India को एक दीर्घकालिक विकास की कहानी के रूप में देखिए.”

डीबीपी

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