दिल्ली पुलिस ने महिलाओं को ब्लैकमेल करने के आरोप में साइबर ब्लैकमेलर को गिरफ्तार किया

New Delhi, 8 जून . दिल्ली के उत्तरी जिले के साइबर Police स्टेशन ने Monday को एक 30 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. व्यक्ति पर social media के माध्यम से एआई-निर्मित तस्वीरों का इस्तेमाल करके युवतियों को ब्लैकमेल करने और उनसे पैसे वसूलने का आरोप है.

दिल्ली Police के अनुसार, आरोपी की पहचान भलस्वा डेयरी निवासी सौरभ के रूप में हुई है. उसे मलकागंज की 19 वर्षीय युवती की शिकायत के बाद 4 जून को गिरफ्तार किया गया.

यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसे social media पर ब्लैकमेल किया जा रहा है. जांच के दौरान, उसने Police को बताया कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति से व्हाट्सएप मैसेज मिला था, जिसमें उसे एक मॉर्फ्ड तस्वीर भेजी गई थी. इसके बाद भेजने वाले ने उसे ‘लक्ष्य गर्ग’ नाम से संचालित स्नैपचैट अकाउंट के माध्यम से संपर्क करने का निर्देश दिया.

आरोपी ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई तस्वीर को हटाने के बदले में 30,000 रुपए की मांग की. धमकियों से परेशान होकर पीड़िता के परिवार ने क्यूआर कोड आधारित भुगतान के माध्यम से राशि भेज दी.

Police ने बताया कि कई महीनों बाद, फरवरी में, आरोपी ने फिर से पीड़िता से संपर्क किया और अतिरिक्त धन की मांग की. बातचीत के बाद, पीड़िता ने एक साइबर कैफे के माध्यम से 10,000 रुपए और भेज दिए. आरोपी ने कथित तौर पर और अधिक धन की मांग जारी रखी और अन्य युवतियों के संपर्क विवरण देने के लिए उस पर दबाव डाला. जब उसने इनकार कर दिया, तो उसने धमकियां देना जारी रखा, जिसके बाद पीड़िता ने Police से संपर्क किया.

शिकायत के आधार पर, उत्तर जिले के साइबर Police थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 77, 79, 308(2) और 351(4) के तहत मामला दर्ज किया गया.

महिला सब-इंस्पेक्टर हंसुल गुप्ता के नेतृत्व में constable शहजाद, आकाश और अमन के साथ एक समर्पित टीम का गठन किया गया, जो Police स्टेशन साइबर नॉर्थ के एसएचओ इंस्पेक्टर रोहित गहलोत की देखरेख और एसीपी ऑपरेशंस विशेष दत्तारवाल के मार्गदर्शन में काम कर रही थी.

जांच के दौरान, टीम ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए और व्यापक विश्लेषण किया. इसके बाद आरोपी को भलस्वा डेयरी क्षेत्र से खोजा और गिरफ्तार किया गया.

पूछताछ के दौरान, सौरभ ने खुलासा किया कि वह एक निजी वित्तीय कंपनी में काम करता था और अवैध वित्तीय लाभ के लिए साइबर ब्लैकमेल का सहारा लेता था. Police ने बताया कि वह नौकरी देने वाले के रूप में social media पर युवतियों को निशाना बनाता था. उनका विश्वास जीतने के बाद, वह उनके रिज्यूमे एकत्र करता था और उन्हें वीडियो सत्यापन कॉल में शामिल होने के लिए राजी करता था. इन कॉलों के स्क्रीनशॉट को कथित तौर पर एआई-आधारित उपकरणों का उपयोग करके अश्लील तस्वीरों में हेरफेर किया गया था, जिनका उपयोग पीड़ितों को ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने के लिए किया जाता था.

जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि आरोपी को पहले भी 2022 और 2023 में India नगर और साइबर शाहदरा Police स्टेशनों में जबरन वसूली, यौन उत्पीड़न और पीछा करने के दो मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका था.

Police ने एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया है, जिनका कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किया गया था. आगे की जांच जारी है.

एमएस/

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