
मदुरै, 6 अप्रैल . बहुचर्चित सथानकुलम कस्टोडियल टॉर्चर और मौत मामले में आज बड़ा फैसला सुनाते हुए मदुरै की प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 9 दोषी Policeकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई. यह मामला पिता-पुत्र, जयराज और उनके बेटे बेन्निक्स, की हिरासत में हुई निर्मम पिटाई और मौत से जुड़ा है.
यह घटना 19 जून 2020 की है, जब सथानकुलम Police स्टेशन के Policeकर्मियों ने जयराज को गलत तरीके से हिरासत में लिया था. इसके बाद, उनके बेटे बेन्निक्स, जो अपने पिता के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचे थे, को भी कथित तौर पर बहस के बाद हिरासत में ले लिया गया. आरोप है कि 19 और 20 जून की दरम्यानी रात दोनों को Policeकर्मियों ने बेरहमी से पीटा और अमानवीय यातनाएं दीं. गंभीर चोटों के चलते बेन्निक्स की 22 जून 2020 को और जयराज की 23 जून 2020 को मौत हो गई थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए तमिलनाडु Government ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी. सीबीआई ने विस्तृत और निष्पक्ष जांच करते हुए 90 दिनों के भीतर 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था और टिप्पणी की थी कि यह प्रथम दृष्टया हत्या का मामला बनता है. पीठ ने सबूतों को नष्ट करने के प्रयासों पर भी चिंता जताई थी और सीबीआई को मामला सौंपे जाने से पहले तत्काल सीबी-सीआईडी जांच का आदेश दिया था.
अदालत ने जिन 9 Policeकर्मियों को दोषी ठहराया है, उनमें सथानकुलम के तत्कालीन थाना प्रभारी (एसएचओ) एस श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी रघुगनेश, सब-इंस्पेक्टर के बालकृष्णन, हेड constable एस मुरुगन, Police constable एस चेल्लादुरई, Police constable एम मुथुराजा, हेड constable ए समदुरई, Police constable एक्स थॉमस फ्रांसिस और Police constable एस वेलुमुथु शामिल हैं.
सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 342 (गैरकानूनी हिरासत) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत दोषी पाया गया.
कोर्ट का फैसला आने के बाद, जब इन 9 दोषी अधिकारियों को मदुरै जिला न्यायालय से केंद्रीय कारागार ले जाया जा रहा था, तब उनके परिवार के सदस्यों ने रोते-बिलखते हुए उनसे मुलाकात की.
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पीएसके