
Patna, 18 जून . बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi आज विश्व के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और उनकी नीतियों तथा नेतृत्व क्षमता के कारण India की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है.
संजय सरावगी ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi की लोकप्रियता केवल India तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व स्तर पर भी उन्हें सम्मान प्राप्त है. उन्होंने दावा किया कि 30 से अधिक देशों ने Prime Minister मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया है. उनके अनुसार, मोदी के नेतृत्व में India ने आर्थिक, सामरिक और कूटनीतिक मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है और देश आज वैश्विक मंच पर एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है.
उन्होंने कहा कि India दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है और Prime Minister मोदी की विदेश नीति तथा कूटनीति के कारण विश्व के बड़े देश India की बात को गंभीरता से सुनते हैं. सरावगी ने कहा कि जब भी Prime Minister मोदी किसी देश के नेता से बातचीत करते हैं, तो उसका उद्देश्य India और भारतीयों के हितों को आगे बढ़ाना होता है.
परिसीमन और महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi महिलाओं को Political प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि Government महिलाओं को विधायिका और संसद में आरक्षण देने के पक्ष में है और परिसीमन की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाना चाहती है. उनके अनुसार, विपक्ष के सहयोग न मिलने के कारण कुछ प्रस्ताव पहले पारित नहीं हो सके, लेकिन केंद्र Government इन मुद्दों पर आगे भी प्रयास जारी रखेगी.
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता के कई बयान राष्ट्रीय हित के अनुरूप नहीं होते. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश दोनों जगह ऐसे बयान देते हैं, जिनसे भ्रम की स्थिति पैदा होती है. सरावगी ने कहा कि जनता अब इस तरह की राजनीति को गंभीरता से नहीं लेती और विकास तथा सुशासन के मुद्दों पर भरोसा करती है.
वहीं, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा तथा Governmentी आवास से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था तय करने के लिए निर्धारित मानक और प्रक्रियाएं होती हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी पूर्व Chief Minister या जनप्रतिनिधि को नियमों के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को Political रंग देने की कोशिश की जा रही है, जबकि Government नियमों के अनुसार कार्य कर रही है.
राष्ट्रीय जनता दल द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शन में तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर टिप्पणी करते हुए सरावगी ने कहा कि बिहार की जनता अब ऐसे आंदोलनों को गंभीरता से नहीं ले रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास जनहित के ठोस मुद्दे नहीं हैं और वह केवल Political लाभ के लिए प्रदर्शन कर रहा है. इसलिए तेजस्वी खुद राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा कर खुद ही शामिल नहीं हुए.
बिहार की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए भाजपा नेता ने कहा कि एनडीए Government अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य Government ने Police को पूरी स्वतंत्रता दी है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जा रहा है. उनके अनुसार, अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण उनमें डर का माहौल बना है और कई लोग आत्मसमर्पण कर रहे हैं.
उन्होंने उपChief Minister सम्राट चौधरी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें अपराधियों को बिहार छोड़ने या अपराध छोड़ने की चेतावनी दी गई थी. सरावगी ने कहा कि Government का स्पष्ट संदेश है कि बिहार में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने दावा किया कि राज्य Government कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधमुक्त बिहार बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है.
इस बीच Samajwadi Party और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के संभावित दल-बदल से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और भारतीय जनता पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है. देश के 22 राज्यों में एनडीए की Governmentें हैं और जनता बार-बार इन Governmentों को दोबारा मौका दे रही है. इसके विपरीत, विपक्षी दलों की Governmentें टिक नहीं पा रही हैं और उनका जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन बिखरा हुआ है और विभिन्न दलों के सांसद तथा विधायक एनडीए में शामिल होने के इच्छुक हैं. पश्चिम बंगाल, Maharashtra और अन्य राज्यों में भी विपक्षी दलों के कई नेता एनडीए का दामन थामना चाहते हैं. उनके अनुसार, भाजपा और एनडीए की नीतियों के कारण अन्य दलों के नेताओं का भरोसा गठबंधन की ओर बढ़ रहा है.
तृणमूल कांग्रेस से जुड़े सवाल पर सरावगी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के भीतर लगातार टूट-फूट की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पार्टी छोड़ दी है. उन्होंने कहा कि यदि पार्टी के भीतर वित्तीय या संगठनात्मक मामलों को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं, तो संबंधित संस्थाएं और एजेंसियां कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगी.
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पीआईएम/वीसी