
अयोध्या, 2 मई . हिंदू संतों ने Saturday को मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साजिद रशीदी की, हिंदू समुदाय के खिलाफ कथित विवादित बयान देने के लिए आलोचना की.
एक स्थानीय चैनल को दिए इंटरव्यू में मुस्लिम मौलवी ने कहा था, “या तो ‘कलमा’ याद कर लो, वरना तुम्हें मार दिया जाएगा. तभी हिंदू मुसलमानों से डरेंगे. जब ‘कलमा’, मुसलमान और दूसरी चीजों के नाम पर कुछ हिंदुओं को मारा जाएगा, तभी वे (हिंदू) डरेंगे.”
रशीदी के बयान की निंदा करते हुए, साकेत भवन मंदिर के सीताराम दास महाराज ने कहा, “ऐसी जिहादी आतंकवादी सोच को तुरंत खत्म कर देना चाहिए. मैं Government से पूछना चाहता हूं कि वह चुप क्यों है?”
उन्होंने रशीदी पर मुसलमानों को ‘भड़काने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया.
उन्होंने को बताया, “वह (रशीदी) हिंदुओं की भावनाओं के साथ खेलने की कोशिश कर रहा है. ऐसे लोग जिनकी सोच जिहादी आतंकवादी जैसी है, उन्हें तुरंत राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार करके जेल भेज देना चाहिए. वह देश में दंगे भड़काने की साज़िश रच रहा है.”
तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर, जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आगे कहा, “ऐसा बयान दिखाता है कि साजिद रशीदी जरूर किसी आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया होगा. उसके बयान देशद्रोह के दायरे में आते हैं.”
उन्होंने उस जगह के प्रशासन से, जहां यह बयान दिया गया था, मुस्लिम मौलवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की.
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “ऐसे देश-विरोधी काम के लिए कानूनी कार्रवाई के बाद उसे (रशीदी) फांसी पर लटका देना चाहिए. ऐसे लोग देश के दुश्मन हैं. उन्हें आतंकवादियों से पैसा मिलता है और वे उन्हीं के इशारे पर ऐसे बयान देते हैं.”
इसी तरह का विचार व्यक्त करते हुए, महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा, “ऐसा बयान देने का मतलब है हिंदुओं को डराने की कोशिश करना. लेकिन मैं कहता हूं कि हिंदू बहादुर हैं; वे ऐसे लोग नहीं हैं जो डर जाएंगे. ऐसे कट्टरपंथी जिहादी भूल गए हैं कि यह ‘सनातन’ की धरती है.”
उन्होंने यह सवाल भी उठाया, “ऐसे कट्टरपंथी जिहादियों को, जो हिंदुओं को नीचा दिखाते हैं, India में रहने की इजाजत क्यों दी जा रही है?”
उन्होंने उत्तर प्रदेश Government और Prime Minister Narendra Modi से India को ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित करने की अपील की.
उन्होंने कहा, “अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हिंदुओं पर हमले होंगे. इससे वे डर जाएंगे जिसके बाद हिंदुओं को भी इस्लाम अपनाना पड़ेगा.”
वाराणसी से स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, “यह पूरी तरह से गुंडागर्दी है. मौलाना साजिद रशीदी से मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं. मौलाना साहब, कृपया याद रखें कि हमारे हाथ संविधान से बंधे हुए हैं. हमें India Government और हमारी कानूनी व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, हिंदू कायर नहीं हैं; हिंदू अनुशासित हैं. यदि हमारे धर्माचार्यों को जवाब देने की खुली छूट दे दी जाए, तो आपको ऐसी भाषा वापस लेने पर मजबूर होना पड़ेगा.”
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एससीएच