
उलानबातर, 22 जून . विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर आज दो दिवसीय दौरे पर मंगोलिया पहुंचे. उन्होंने मंगोलिया के विदेश मंत्री बत्सेत्सेग बटमुंख से मुलाकात के दौरान विकास, शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और खनन समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, ”उलानबातर में विदेश मंत्री बत्सेत्सेग बटमुंख से मिलकर बहुत खुशी हुई. हमारी बातचीत में India और मंगोलिया की रणनीतिक साझेदारी की गर्मजोशी, मजबूती और भविष्य की संभावनाएं साफ दिखाई दीं.”
विदेश मंत्री ने बताया कि हमने विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण, संस्कृति, शिक्षा, सुरक्षा और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की प्रगति की समीक्षा की. साथ ही खनन, स्वच्छ ऊर्जा और कृषि प्रसंस्करण के क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा की. एक पड़ोसी और आध्यात्मिक साझेदार के रूप में India मंगोलिया के साथ अपने करीबी और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
विदेश मंत्रालय ने Monday को कहा कि जयशंकर 24 और 25 जून को दक्षिण कोरिया जाने से पहले 22 और 23 जून को मंगोलिया में रहेंगे.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दक्षिण कोरिया दौरे पर जयशंकर दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्युन के साथ बातचीत करेंगे. वह 25 जून को जेजू में आयोजित जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी में मुख्य भाषण भी देंगे.
India और मंगोलिया सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित घनिष्ठ संबंध साझा करते हैं. India और मंगोलिया के बीच 24 दिसंबर 1955 को राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे. मंगोलिया ने अगले वर्ष New Delhi में अपना दूतावास खोला, जबकि India ने 22 फरवरी 1971 को उलानबटार में अपना रेजिडेंट मिशन खोला. India की पहल से Political, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के स्थिर विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ.
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की यह यात्रा 13 अक्टूबर 2025 को मंगोलियाई President खुरेलसुख उखना की India यात्रा के बाद हो रही है. इस बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है.
अप्रैल 2026 में दक्षिण कोरिया के President लीजे म्युंग ने India का दौरा किया था. इसके बाद अब डॉ. एस जयशंकर के दौरे पर भारत-रिपब्लिक ऑफ कोरिया द्वारा संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण के रोड मैप को आगे बढ़ाने पर बातचीत होने की उम्मीद है.
–
एवाई/वीसी