मतभेदों के बावजूद ज्यादा मजबूत हो रहे भारत-अमेरिका संबंध : भारतीय राजदूत

वाशिंगटन, 24 जून . India और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है. अमेरिका में India की उप प्रमुख मिशन नमग्या सी. खम्पा ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक साझेदारियों में से एक बन चुके हैं.

कैपिटल हिल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खम्पा ने कहा कि New Delhi और वाशिंगटन के बीच बढ़ते रिश्तों की नींव साझा हितों, मजबूत आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर आधारित है.

उन्होंने कहा, “भारत-अमेरिका साझेदारी को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बताया जाता है और यह बात पूरी तरह सही है. इसका कारण यह नहीं है कि हम हर मुद्दे पर 100 प्रतिशत सहमत हैं. स्वाभाविक रूप से कुछ मुद्दों पर मतभेद होते हैं, लेकिन इस रिश्ते के पीछे जो रणनीतिक सोच है, वह हर साल मजबूत होती जा रही है.”

खम्पा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब India और अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ाने, तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समन्वय को गहरा करने को लेकर बातचीत जारी है.

सी. खम्पा ने हाल ही में Prime Minister Narendra Modi और अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे संबंध और मजबूत विश्वास का रिश्ता है.

भारतीय राजनयिक ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया India यात्रा का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय बैठकों के अलावा क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था.

सी. खम्पा ने कहा कि व्यापार दोनों देशों के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है. दोनों पक्षों के वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.

उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल टैरिफ कम करना नहीं है, बल्कि एक अधिक मजबूत, गहरा, महत्वाकांक्षी और दोनों देशों के लिए लाभकारी आर्थिक साझेदारी तैयार करना है. उनके अनुसार India की बढ़ती ऊर्जा जरूरतें और अमेरिका के विशाल ऊर्जा संसाधन दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं. कच्चे तेल, एलएनजी और नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग में तेजी से प्रगति हो रही है.

तकनीक को भविष्य की साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए खम्पा ने कहा कि एआई, सेमीकंडक्टर, एडवांस कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग दोनों देशों की प्राथमिकता है. साथ ही सप्लाई चेन को विविध बनाने और कुछ चुनिंदा तकनीकी केंद्रों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी काम हो रहा है.

रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर उन्होंने कहा कि अब यह केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, महत्वपूर्ण तकनीकों और आतंकवाद विरोधी प्रयासों तक फैल चुका है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष India और अमेरिका ने 10 वर्षीय रक्षा ढांचा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जो भविष्य के सहयोग का रोडमैप तैयार करता है.

खम्पा ने क्वाड समूह (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है.

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहने वाले 50 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोगों ने दोनों देशों के Governmentी रिश्तों को एक व्यापक सामाजिक साझेदारी में बदल दिया है.

खम्पा ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की व्यापार, चिकित्सा, तकनीक, उद्यमिता, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्रों में अहम भूमिका की सराहना की और कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत पुल का काम कर रहा है.

वीकेयू/एएस

Leave a Comment