
चेन्नई, 30 जुलाई . रेवेन्यू डिपार्टमेंट में देरी कम करने और भ्रष्टाचार रोकने के मकसद से एक बड़े प्रशासनिक सुधार के तहत, तमिलनाडु Government रेवेन्यू सर्टिफिकेट जारी करने के लिए एक आसान तीन-स्टेप वाला अप्रूवल प्रोसेस शुरू करने जा रही है.
इस प्रस्ताव की घोषणा जल्द ही होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान होने की उम्मीद है. इसका मकसद मौजूद कई लेवल वाले वेरिफिकेशन सिस्टम की जगह एक तेज और नागरिकों के लिए ज्यादा सुविधाजनक सिस्टम लाना है.
यह सुधार कई तरह के आम रेवेन्यू सर्टिफिकेट पर लागू होगा, जिनमें कम्युनिटी, इनकम, मूल निवासी, रेजिडेंस (निवास), विधवा, कानूनी वारिस, परित्यक्ता (छोड़ी गई महिला) और अविवाहित होने के सर्टिफिकेट शामिल हैं. ये दस्तावेज कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने, शिक्षा में दाखिले, रोजगार के मौकों और कई Governmentी सेवाओं के लिए जरूरी हैं.
मौजूदा प्रोसेस की लंबे समय से आलोचना होती रही है क्योंकि इस प्रक्रिया में देरी होती है, बहुत ज्यादा कागजी काम होता है और वेरिफिकेशन के अलग-अलग चरणों में भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं.
मौजूदा सिस्टम के तहत, ई-सेवा केंद्रों के जरिए जमा किए गए आवेदन सबसे पहले फील्ड वेरिफिकेशन के लिए विलेज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (वीएओ) के पास भेजे जाते हैं. इसके बाद रेवेन्यू इंस्पेक्टर उनकी जांच करते हैं और फिर उन्हें जांच-पड़ताल के लिए हेडक्वार्टर डिप्टी तहसीलदार या डिप्टी तहसीलदार के पास भेजा जाता है.
इन चरणों को पार करने के बाद ही आवेदन तहसीलदार के पास पहुंचते हैं, जो अंतिम मंजूरी देने वाले अधिकारी होते हैं. प्रस्तावित सिस्टम में डिप्टी तहसीलदार वाला चरण पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा. जब वीएओ फील्ड वेरिफिकेशन पूरा कर लेंगे और रेवेन्यू इंस्पेक्टर आवेदन की जांच-पड़ताल कर लेंगे, तो इसे सीधे मंजूरी के लिए तहसीलदार के पास भेजा जाएगा.
अधिकारियों का मानना है कि प्रोसेसिंग का एक चरण हटाने से सर्टिफिकेट जारी करने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और साथ ही प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही भी बेहतर होगी.
Governmentी सूत्रों ने बताया कि यह सुधार रेवेन्यू प्रशासन को आधुनिक बनाने और नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूत करने की एक बड़ी पहल का हिस्सा है. प्रोसेस की रुकावटों को कम करके, Government को उम्मीद है कि सर्टिफिकेट जारी करने में तेजी आएगी और ज्यादा पारदर्शिता आएगी.
इस प्रस्ताव पर तमिलनाडु विलेज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स एसोसिएशन से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, हालांकि उन्होंने सुझाव दिया है कि Government और भी आसान मॉडल पर विचार करे. एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष आर. अरुलराज ने कहा कि दो-स्टेप वाले प्रोसेस पर विचार किया जा सकता है, जिसके तहत आवेदन को मंजूरी के लिए सीधे तहसीलदार के पास भेजने से पहले वीएओ या रेवेन्यू इंस्पेक्टर द्वारा वेरीफाई किया जाएगा.
उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के सिस्टम से वेरिफिकेशन के मानकों से समझौता किए बिना देरी को और कम किया जा सकेगा. Government से उम्मीद है कि वह आने वाले विधानसभा सत्र में संशोधित प्रक्रिया को औपचारिक रूप से पेश करेगी. यह कदम सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने और राजस्व विभाग को अधिक कुशल, पारदर्शी और सुलभ बनाने की उसकी लगातार कोशिशों का हिस्सा है.
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वीकेयू/एएस