
New Delhi, 12 मई . New Delhi के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर विमान दुर्घटना का मॉक ड्रिल ‘अग्नि चक्र’ आयोजित किया गया. इसमें सीआईएसएफ, एआरएफएफ, दिल्ली Police, बीडीडीएस, चिकित्सा दल, एयरलाइंस और जमीनी एजेंसियों के कर्मियों ने भाग लिया.
इस दौरान विमान दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ कर्मियों ने दुर्घटना स्थल को घेर लिया और आवागमन को विनियमित करके बचाव एवं निकासी अभियान में सहायता की.
मॉक ड्रिल में अंतर-एजेंसी संचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया, हताहतों को संभालने और संकट प्रबंधन का आकलन किया गया, जिससे सीआईएसएफ की तैयारियों का जायजा लिया गया.
इससे पहले 6 अप्रैल को दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर हाई-इंटेंसिटी एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल किया गया था. इस अभ्यास में सीआईएसएफ, एनएसजी, दिल्ली Police, बीसीएएस, डीजीसीए और डीआईएएल के कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हुए.
आईजीआई एयरपोर्ट पर 30 मार्च को भी ज्वाइंट काउंटर-टेरर मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी. इस अभ्यास में सीआईएसएफ, क्यूआरटी, बीडीडीएस, डॉग स्क्वाड, दिल्ली Police और एनएसजी ने हिस्सा लिया था. इस अभ्यास के दौरान आतंकवादी हमले के सिमुलेशन पर फोकस किया गया था.
इंडिया गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अलावा देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी हाल ही में मॉक ड्रिल की गई. अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी बीते महीने आतंकवादी हमले का सिमुलेशन वाली मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल की गई थी. इस अभ्यास में सीआईएसएफ, यूपी एटीएस और Police ने हिस्सा लिया था.
तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी मार्च में एंटी हाइजैकिंग एक्सरसाइज आयोजित किया गया था. इसमें भी कई एजेंसियों ने हिस्सा लिया था. अप्रैल में भुवनेश्वर के बीजू Patnaयक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी एंटी-हाईजैक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था.
–
एसडी/वीसी