
सोल, 18 अगस्त . दक्षिण कोरिया के President ली जे म्युंग ने कहा है कि उनका देश आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को मजबूत करने पर ज्यादा जोर देगा. उन्होंने Tuesday को कहा कि उनका प्रशासन दक्षिण कोरियाई सेना का युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण (ओपीकॉन) अमेरिका से वापस लेने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, ली ने कैबिनेट की बैठक में कहा, ” ओपीकॉन का हस्तांतरण मेरे कार्यकाल के दौरान पूरा किया जाना चाहिए.”
ली का वर्तमान कार्यकाल 2030 में समाप्त होगा. उन्होंने कहा, “दक्षिण कोरिया को अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करनी होगी, लेकिन यह कदम अमेरिका के साथ मजबूत सैन्य गठबंधन के समानांतर आगे बढ़ना चाहिए.”
President ने अधिकारियों को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां हासिल करने की परियोजना में तेजी लाने का भी निर्देश दिया. उनके मुताबिक, स्वतंत्र रक्षा क्षमता और अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन एक-दूसरे के पूरक होने चाहिए.
दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण की व्यवस्था लंबे समय से दोनों देशों के सैन्य गठबंधन का अहम हिस्सा रही है. ओपीकॉन का हस्तांतरण होने पर युद्ध की स्थिति में संयुक्त बलों का नेतृत्व करने की दक्षिण कोरिया की भूमिका और जिम्मेदारी बढ़ जाएगी.
ली की यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका का वार्षिक ‘उलची फ्रीडम शील्ड’ सैन्य अभ्यास चल रहा है. यह अभ्यास 27 अगस्त तक चलेगा और इसका एक उद्देश्य संभावित उत्तर कोरियाई हमले की स्थिति में दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता को मजबूत करना तथा दक्षिण कोरिया की संयुक्त बलों का नेतृत्व करने की क्षमता को परखना है.
इस बीच अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों में बड़ी कटौती का निर्देश दिया है. पेंटागन ने कहा है कि वह ट्रंप के निर्देश को लागू करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है. इससे क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और ओपीकॉन हस्तांतरण की प्रक्रिया पर भी नजरें टिक गई हैं.
ली Government का जोर ऐसे समय में अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर है जब उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं. इसके साथ ही प्योंगयांग और मास्को के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग ने दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगियों की सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ाया है.
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केआर/