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Monday, 19 October 2026
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री-नीट यूजी 2026: किसी को मिला दूसरा मौका, किसी ने झेला निराशा का दर्द; छात्रों और अभिभावकों ने साझा किए अपने अनुभव

री-नीट यूजी 2026: किसी को मिला दूसरा मौका, किसी ने झेला निराशा का दर्द; छात्रों और अभिभावकों ने साझा किए अपने अनुभव

New Delhi, 21 जून . पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित की गई री-नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर छात्रों के मन में अलग-अलग भावनाएं देखने को मिलीं. कर्नाटक के मंगलुरु में परीक्षा देने पहुंचे एक छात्र ने बताया कि जब पहली बार दोबारा परीक्षा की घोषणा हुई तो वह खुश था, क्योंकि वह अपने पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाया था. छात्र ने कहा कि इस बार उसने पूरी तैयारी की है और उसे विश्वास है कि वह अच्छा प्रदर्शन करेगा.

वहीं Bengaluru के एक अन्य अभ्यर्थी ने से कहा कि परीक्षा रद्द होने की खबर सुनकर उसे काफी दुख हुआ था, क्योंकि उसने इसके लिए दो साल तक कड़ी मेहनत की थी. उसने बताया कि उस निराशा से बाहर निकलने और दोबारा पढ़ाई शुरू करने में काफी समय लगा. हालांकि अब उसका पूरा ध्यान सिर्फ परीक्षा पर है और वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता है.

Bengaluru के ही एक और छात्र ने कहा कि उसके मन में इस फैसले को लेकर मिली-जुली भावनाएं थीं. एक ओर उसे लगा कि पेपर लीक का पता चलना और दोबारा परीक्षा कराना निष्पक्षता के लिए जरूरी था, क्योंकि कुछ लोगों के पास पहले से प्रश्नपत्र पहुंच चुका था. दूसरी ओर उसे उन छात्रों के लिए बुरा भी लगा, जिन्होंने अपनी नींद और आराम छोड़कर लंबे समय तक तैयारी की थी.

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक छात्र ने कहा कि एक व्यक्ति की गलती का खामियाजा सभी छात्रों को भुगतना पड़ता है. उसके अनुसार यह समस्या केवल कुछ छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे देश के बच्चों को प्रभावित करती है. वहीं एक अन्य छात्र ने परीक्षा में अतिरिक्त 15 मिनट दिए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उत्तर लिखने के लिए थोड़ा अधिक समय मिला और छात्रों को राहत महसूस हुई.

तमिलनाडु के चेन्नई में एक अभिभावक राजकुमार ने बताया कि उनके बेटे की पहली परीक्षा बहुत अच्छी गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश उसे रद्द कर दिया गया. इसके बाद उसे फिर से मानसिक और शैक्षणिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा. हालांकि उनका बेटा पूरे समय सकारात्मक बना रहा.

चेन्नई में ही एक अन्य अभिभावक अम्मू शिबू ने कहा कि करीब डेढ़ महीने के लंबे इंतजार के बाद बच्चे हिम्मत जुटाकर दोबारा परीक्षा देने पहुंचे हैं. उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थाएं काफी अच्छी थीं और अभिभावकों के लिए भी सुविधाजनक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया बेहद सुचारू और व्यवस्थित रही.

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वीकेयू/पीएम

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