
Ahmedabad, 27 अप्रैल . Mumbai -Ahmedabad हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना के तहत साबरमती नदी पर 36 मीटर ऊंचे पुल का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है. इसके अलावा और कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं. यह जानकारी परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने दी है.
लगभग 480 मीटर लंबा और 12 मंजिला इमारत के बराबर ऊंचाई वाला यह पुल पश्चिमी रेलवे की Ahmedabad-दिल्ली मुख्य लाइन के समानांतर बनाया जा रहा है. यह प्रस्तावित साबरमती और Ahmedabad हाई-स्पीड रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित है. साबरमती स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर और Ahmedabad स्टेशन से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर है.
इसके सभी आठ गोलाकार खंभे (प्रत्येक का व्यास 6 से 6.5 मीटर के बीच) का कार्य पूरा हो चुका है. इनमें से चार खंभे नदी तल में, दो नदी के किनारों पर और दो नदी के किनारों से बाहर स्थित हैं. खंभे की ऊंचाई लगभग 31 से 34 मीटर के बीच है. इन्हें इस तरह से बनाया गया है कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में कम से कम बाधा आए.
पुल में 76 मीटर के पांच और 50 मीटर के दो स्पैन हैं. प्रत्येक स्पैन का निर्माण मौके पर ही ढाले गए 23 खंडों का उपयोग करके किया जा रहा है.
इस परियोजना में संतुलित कैंटिलीवर विधि का उपयोग किया गया है, जो नदियों पर बने लंबे पुलों के लिए उपयुक्त तकनीक है. यह विधि संरचना के नीचे चबूतरे के बिना निर्माण की अनुमति देती है, जबकि खंडों को क्रमिक रूप से जोड़ा जाता है और पोस्ट-टेंशनिंग (कंक्रीट तकनीक) द्वारा एक सतत डेक बनाया जाता है.
अधिकारियों ने बताया कि नींव और आधारभूत संरचना का काम पूरा हो चुका है, जो निर्माण में एक महत्वपूर्ण चरण है. 76 मीटर के तीन स्पैन पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष ऊपरी संरचना पर पियर हेड का निर्माण और खंडों की ढलाई जारी है.
निर्माण के दौरान साबरमती नदी में निर्बाध जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए भी उपाय किए गए हैं. अस्थायी तटबंधों पर ह्यूमे पाइप पुलिया लगाई गई हैं और पानी के निरंतर प्रवाह के लिए एक प्राकृतिक जल निकासी चैनल बनाए रखा गया है.
लगभग 508 किलोमीटर लंबा Mumbai -Ahmedabad हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल निगम लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है. इस परियोजना में कई नदी पारगमन और जटिल संरचनाएं शामिल हैं, जिनमें से कई पुल पहले ही पूरे हो चुके हैं. इनमें नर्मदा और ताप्ती जैसी प्रमुख नदियों पर बने पुल शामिल हैं.
आधिकारिक अपडेट के अनुसार, कॉरिडोर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, सैकड़ों किलोमीटर के वायडक्ट और पियर का काम पूरा हो चुका है और स्टेशनों, डिपो और पुल स्थलों पर निर्माण कार्य साथ-साथ आगे बढ़ रहा है.
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ओपी/एबीएम