
तिरुवनंतपुरम, 28 जून . केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने Sunday को अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की Supreme Court की निगरानी में जांच की मांग की.
सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व Chief Minister विजयन ने फेसबुक पोस्ट में वित्तीय गड़बड़ी की खबरों को ‘बेहद गंभीर’ बताया और कहा कि इनसे लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंताजनक सवाल खड़े होते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने Political फायदे के लिए लोगों की आस्था का इस्तेमाल किया, उन्होंने इसकी आड़ में सुनियोजित तरीके से वित्तीय धोखाधड़ी भी की.
विजयन ने दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों के संघ परिवार से जुड़े संगठनों के साथ करीबी संबंध थे और कहा कि उनकी यह जिम्मेदारी है कि वे बताएं कि लाखों भक्तों से इकट्ठा किया गया पैसा कैसे खर्च किया गया.
उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि चंदा कहां गया. विपक्ष के नेता ने Prime Minister Narendra Modi से भी इन आरोपों पर जवाब देने को कहा, क्योंकि उन्होंने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अहम भूमिका निभाई थी.
सीएम पिनाराई विजयन ने कहा कि केंद्र Government द्वारा आधिकारिक संसदीय अधिसूचना के जरिए बनाए गए ट्रस्ट पर अब शक के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी हो गई है.
विजयन के मुताबिक, मंदिर के फंड को लेकर चल रहा विवाद संघ परिवार की राजनीति के ‘असली चरित्र’ को दिखाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की आस्था का इस्तेमाल न सिर्फ Political मकसद के लिए, बल्कि पैसे कमाने के लिए भी किया गया.
निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विजयन ने केंद्र Government से Supreme Court की सीधी निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच का आदेश देने को कहा. उन्होंने कहा कि सिर्फ स्वतंत्र और न्यायिक निगरानी वाली जांच ही सच का पता लगा सकती है, जवाबदेही तय कर सकती है और मंदिर प्रोजेक्ट में योगदान देने वाले लाखों भक्तों का भरोसा फिर से कायम कर सकती है.
उनके आधिकारिक फेसबुक पोस्ट के जरिए की गई इन टिप्पणियों ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए इकट्ठा किए गए चंदे के प्रबंधन को लेकर चल रहे विवाद में एक नया Political पहलू जोड़ दिया है. इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है.
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एएसएच/पीएम