
jaipur, 27 जून . अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर Chief Minister भजनलाल शर्मा ने औद्योगिक विकास को गति देने, Rajasthan के एमएसएमई ईकोसिस्टम को मजबूत करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और राज्य को निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों और प्रोत्साहनों की घोषणा की.
Chief Minister ने कारीगरों और बुनकरों के लिए समर्पित हाटों के विकास, आरआईपीएस-2024 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों के लिए नए प्रोत्साहनों, Rajasthan वेंचर कैपिटल फंड के माध्यम से 25 स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और Rajasthan औद्योगिक विकास नीति के शुभारंभ सहित अन्य पहलों की घोषणा की.
उन्होंने लाभार्थियों को 13 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता और आरआईआईसीओ भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए, जिससे समावेशी औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के प्रति Government की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई.
Chief Minister ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) Rajasthan की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की रीढ़ हैं.
उन्होंने युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक स्तर पर पहचान बढ़ाने और Rajasthan को एक अग्रणी औद्योगिक राज्य में बदलने के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रति Government की प्रतिबद्धता को दोहराया.
jaipur के संविधान क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Chief Minister ने कहा कि Rajasthan की उद्योग-समर्थक नीतियों और उद्यमियों की कड़ी मेहनत और नवाचार के बल पर राज्य देश में चौथे सबसे बड़े एमएसएमई केंद्र के रूप में उभरा है, जहां 33 लाख से अधिक उद्यम हैं.
उन्होंने आगे कहा कि डबल इंजन वाली Government उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है, जबकि राइजिंग Rajasthan ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट जैसी पहलों ने राज्य में निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है.
Chief Minister ने जानकारी दी कि प्रत्यक्ष आवंटन नीति-2025 के तहत, उद्योगों के लिए समय पर भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पिछले वर्ष Rajasthan भर में 1,600 से अधिक औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य Government ने व्यापार करने में सुगमता लाने के लिए 23 प्रमुख क्षेत्रों में सुधार लागू किए हैं.
शहरी क्षेत्रों में भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए अनुमोदन का समय 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है, जबकि औद्योगिक संचालन शुरू करने की अनुमति देने की समय सीमा 120 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दी गई है.
–
एमएस/