
बेरूत, 28 जून . मध्य एशिया संकट अभी खत्म नहीं हुआ है. अमेरिका-ईरान संघर्ष होर्मुज से शुरू होकर फिर बहरीन और कुवैत की सीमाओं को पार कर गया है. लेबनान ने इसे उकसावे की कार्रवाइयां बताया है.
लेबनान के President जोसेफ आउन ने बहरीन और कुवैत पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि, “ये उकसावे वाली कार्रवाइयां देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन हैं और क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए सीधा खतरा हैं.”
President कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि President आउन ने इन हमलों को युद्ध रोकने और तनाव कम करने के उद्देश्य से किए जा रहे “सभी क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रयासों और पहलों को कमजोर करने की कोशिश” के रूप में देखा है.
बयान में कहा गया कि मौजूदा स्थिति अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन के समर्थकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से तत्काल कार्रवाई की मांग करती है.President आउन ने बहरीन और कुवैत के साथ लेबनान की पूर्ण एकजुटता भी व्यक्त की.
Friday से ही यूएस सेंटकॉम और आईआरजीसी के बीच टकराव चरम पर है. इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में स्थित आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया है. इसे उसने ईरानी क्षेत्र पर हालिया अमेरिकी “आक्रामकता” के जवाब में की गई “निर्णायक कार्रवाई” बताया.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) ने आईआरजीसी के बयान के हवाले से बताया कि यह संयुक्त अभियान उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर Sunday को स्थानीय समयानुसार सुबह 2:00 से 3:00 बजे के बीच चलाया. इसमें आठ “महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों” को निशाना बनाया गया, जिनमें कुवैत स्थित अली अल सालेम एयरबेस और बहरीन के सलमान पोर्ट स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े का मुख्यालय भी शामिल है.
कोर ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और निशाना बनाए गए ठिकानों को नष्ट कर दिया गया.
बयान के अनुसार, यह कार्रवाई उस हमले के बाद की गई जिसमें कथित तौर पर दुश्मन ने ईरान के पांच तटीय चौकियों को पहले दिन में निशाना बनाया था.
इन हमलों को बहरीन और कुवैत ने अपनी संप्रभुता सीधा का खुला उल्लंघन करार दिया था.
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केआर/