
नागोया, 29 सितंबर . एशियन गेम्स में Tuesday को महिलाओं की 4×400 मीटर रिले का गोल्ड मेडल जीतने में India की मदद करने वाली प्राची चौधरी का मकसद सिर्फ जीतना नहीं था. प्राची ने बताया कि नागोया आने से पहले ही उन्होंने डीएसपी यूनिफॉर्म के लिए अपना नाप दे दिया था.
पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली प्राची ने कहा कि वह इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में वापसी करने, गोल्ड जीतने और उत्तर प्रदेश की स्पोर्ट्स पॉलिसी के तहत डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ Police (डीएसपी) बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए पक्का इरादा कर चुकी थीं.
India की जीत के बाद प्राची ने ‘ ’ से कहा, “पिछले साल मैंने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था, इसलिए डीएसपी नहीं बन पाई. हमारे Chief Minister योगी आदित्यनाथ की एक स्पोर्ट्स पॉलिसी है जिसके तहत गोल्ड मेडलिस्ट को डीएसपी बनाया जाता है. इसलिए, जब पिछले साल ऐसा नहीं हुआ, तो मुझे बुरा लगा. तभी मैंने तय किया कि अगले एशियन गेम्स में आऊंगी और चाहे कुछ भी हो जाए, गोल्ड जरूर जीतूंगी.”
प्राची ने कहा, “यहां आने से पहले ही मैंने घर पर यूनिफॉर्म के लिए अपना नाप दे दिया था. मैंने उनसे कहा था कि जब तक मैं वापस आऊं, सिली हुई यूनिफॉर्म तैयार होनी चाहिए क्योंकि मैं उसे पहनना चाहती हूं. इस मेडल के बाद बहुत कुछ होगा. मेरा डीएसपी बनने का सपना पूरा हो जाएगा. यह सपना मैंने बहुत समय से देखा है.”
प्राची, किरण पहल, एमआर पूवम्मा और विथ्या रामराज की टीम ने 3:29.69 के समय के साथ महिलाओं की 4×400 मीटर रिले का गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने बहरीन (3:30.21) और चीन (3:31.02) को पीछे छोड़ा.
प्राची ने कहा कि फाइनल से पहले चारों खिलाड़ियों का मकसद एक ही था. उन्होंने कहा, “टीम में हम चारों यही कह रहे थे कि चाहे कुछ भी हो जाए, हमें गोल्ड जीतना ही है. हमें एक-दूसरे का साथ देना था और बैटन बदलते समय ज्यादा से ज्यादा बढ़त बनाए रखनी थी. हमारे दिमाग में बस यही बात चल रही थी.”
29 वर्षीय प्राची एशियन गेम्स 2026 में 400 मीटर रेस में पहले ही ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी थीं, उन्होंने महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में तीसरा लेग दौड़ा और फिर एंकर लेग के लिए विथ्या को बैटन सौंपा. उनके लिए गोल्ड जीतने का मतलब अपने परिवार को गर्व महसूस कराना और युवा एथलीट्स को प्रेरित करना भी था.
उन्होंने कहा, “मैं घर जाकर इस मेडल को अपने पिता को दिखाऊंगी. वे बहुत खुश होंगे, मेरी मां भी बहुत खुश होंगी, उन्हें मुझ पर गर्व होगा. मेरे लिए सबसे बड़ी बात यही है कि परिवार को मुझ पर गर्व हो. अगर दूसरे युवा बच्चे और लड़कियां मुझे देखकर यह महसूस करें कि अगर मैं ऐसा कर सकती हूं, तो वे भी कर सकते हैं, तो इससे उन्हें हिम्मत मिलेगी. जब मैं छोटी थी और मैंने स्पोर्ट्स शुरू किया था, तो मैंने भी एथलीट्स को विदेश जाते और राष्ट्रगान बजते देखा. वह एहसास ही अलग होता है. राष्ट्रगान बजने पर रोंगटे खड़े हो जाते हैं.”
प्राची ने Prime Minister Narendra Modi, उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) का उनके सहयोग के लिए धन्यवाद किया. साथ ही, उन्होंने प्रतियोगिता से पहले उन्हें प्रेरित करने के लिए एएफआईके अध्यक्ष ललित भनोट का भी आभार जताया.
“हमारी Government हमें बहुत सपोर्ट कर रही है. Narendra Modi जी… मुझे नहीं लगता कि किसी भी पिछले Prime Minister ने एथलीट्स से इतनी बातचीत की है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रेरित और प्रोत्साहित किया है. उन्होंने खेलों के लिए बहुत कुछ किया है. जब से उनकी Government सत्ता में आई है, हमारे स्पोर्ट्स सेक्टर में लगातार तरक्की और सुधार हुआ है.”
उन्होंने कहा, “हमारे Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में खेलों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. यह इस स्तर पर पहुंच गया है कि आने वाले वर्षों में आप उत्तर प्रदेश से कई वर्ल्ड-क्लास एलीट एथलीट निकलते देखेंगे. मैं एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, खासकर ललित भनोट सर का भी दिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूं. मेरी इंडिविजुअल रेस से पहले, उन्होंने मुझे बहुत प्रेरित किया. उन्होंने मेरे साथ मीटिंग की और कहा कि मुझे मेडल जीतकर ही लौटना है. इससे मुझे बहुत प्रेरणा मिली. मैं टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम), साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और हमारी Government का भी शुक्रिया अदा करना चाहती हूं. मैं उन सभी का आभार जताना चाहती हूं, जो हर तरह से हमारा साथ दे रहे हैं.”
“मैंने यहां अच्छा प्रदर्शन किया, इसलिए मैं आने वाले वर्षों में और भी बेहतर करना चाहती हूं. मैंने इस साल अपना पर्सनल बेस्ट हासिल किया है और मैं अभी रुकना नहीं चाहती. आगे कई इवेंट्स हैं: एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और फिर ओलंपिक्स. मुझे आगे बढ़ते रहना है.”
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आरएसजी