राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस : 29 जून को क्यों मनाया जाता है यह दिवस? प्रो. पीसी महालनोबिस का क्या था योगदान

New Delhi, 28 जून . India में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस हर साल 29 जून को मनाया जाता है. यह दिवस ‘भारतीय सांख्यिकी के जनक’ कहे जाने वाले महान वैज्ञानिक प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. महालनोबिस का जन्म 29 जून 1893 को कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में हुआ था.

ऐसा कहा जाता है कि महालनोबिस का उपनाम भी डाटा प्रबंधन की ऐतिहासिक गवाही देता है. मुगलकाल में प्रशासनिक राजस्व इकाइयों को ‘महल’ कहा जाता था और उनके हिसाब-किताब के लेखक को फारसी में ‘नवीस’ कहा जाता था. इन दोनों शब्दों के संयोजन से ‘महालनोबिस’ उपनाम की उत्पत्ति हुई, जिसका अर्थ भूमि रिकॉर्ड रखने वाला मुंशी है. नियति ने मानो पहले ही निर्धारित कर दिया था कि वे स्वतंत्र India के सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के प्रमुख लेखाकार बनेंगे.

आधुनिक भारतीय सांख्यिकी प्रणाली के जनक प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस जून 1913 में लंदन जाने वाली ट्रेन छूट जाने के कारण समय व्यतीत करने हेतु कैंब्रिज विश्वविद्यालय के किंग्स कॉलेज पहुंचे. बाद में उन्होंने वहां से भौतिकी और गणित में उच्च शिक्षा प्राप्त की.

जुलाई 1915 में India लौटने की तैयारी के समय प्रथम विश्व युद्ध के कारण उनकी समुद्री नाव में विलंब हो गया. इस अंतराल में किंग्स कॉलेज पुस्तकालय में समय बिताते हुए उन्होंने सांख्यिकी पत्रिका ‘बायोमेट्रिका’ के अंकों का अध्ययन किया. इन पुस्तकों को India लाकर उन्होंने सांख्यिकी को नए व्यावहारिक आयाम दिए.

महालनोबिस का दृढ़ विश्वास था कि सांख्यिकी का अंतिम उद्देश्य लोक कल्याण होना चाहिए. दार्शनिक ब्रजेंद्रनाथ सील के मार्गदर्शन में उन्होंने पहली बार परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया. साल 1931 में बंगाल और Odisha में विनाशकारी बाढ़ के उनके सांख्यिकीय विश्लेषणों ने देश के दो सबसे बड़े बांधों (Odisha के हीराकुंड बांध और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर बैराज) के निर्माण की नींव रखी.

भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) की स्थापना 17 दिसंबर 1931 को प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस द्वारा कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में एक छोटी प्रयोगशाला के रूप में की गई थी. आज यह सांख्यिकी, कंप्यूटर विज्ञान, और मात्रात्मक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख अनुसंधान केंद्रों में से एक है.

देश के नियोजन ढांचे को मजबूत करने में उनके ऐतिहासिक योगदान के सम्मान में प्रतिवर्ष जून 29 को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है. 29 जून 2026 को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा आयोजित 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की आधिकारिक विषयवस्तु ‘प्रशासनिक डेटा की क्षमता को अनलॉक करना’ निर्धारित की गई है. यह विषय Governmentी विभागों द्वारा संकलित किए जाने वाले प्रशासनिक आंकड़ों की गुणवत्ता, सुगमता और अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने पर केंद्रित है ताकि साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णय लिए जा सकें.

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वीकेयू/वीसी

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