
jaipur, 11 फरवरी . Rajasthan की डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य का बजट पेश करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि Government का उद्देश्य हर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और आमजन को बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है.
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 160 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य कराए जाएंगे. गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्ष 600 ट्यूबवेल और 1,200 हैंडपंप लगाए जाएंगे. समर कंटिंजेंसी के तहत प्रत्येक जिला कलेक्टर को 1 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे.
jaipur में 10 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वाटर मैनेजमेंट स्थापित किया जाएगा. साथ ही ब्यूरो ऑफ वाटर यूज एफिशिएंसी की स्थापना कर एचसीएम विप्रा सचिवालय और जल भवन में पायलट आधार पर वाटर डिस्ट्रिब्यूशन एफिशिएंसी बढ़ाने के कार्य होंगे.
दूरदराज क्षेत्रों में जल गुणवत्ता जांच के लिए मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब संचालित होंगी. Rajasthan स्टेट वाटर पॉलिसी लाई जाएगी, जिसमें पेयजल, रॉ वाटर और ट्रीटेड वाटर के वितरण के लिए नीतिगत प्रावधान होंगे. जलापूर्ति योजनाओं के डिजिटल प्रबंधन हेतु एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग लागू की जाएगी. पाइप जल योजनाओं के बेहतर संचालन हेतु पूर्व घोषित 1,050 तकनीकी पदों को बढ़ाकर अब 3,000 पदों पर भर्ती की जाएगी.
ऊर्जा क्षेत्र में Government की प्राथमिकता हर घर को बिजली और हर उद्योग को शक्ति उपलब्ध कराना है. Chief Minister भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में Rajasthan अक्षय और सौर ऊर्जा क्षमता में देश का अग्रणी प्रदेश बना है. लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए केंद्रीय उपक्रमों के साथ एमओयू किए गए हैं.
सौर ऊर्जा क्षमता में 19,209 मेगावॉट की वृद्धि हुई है. पीएम सूर्यघर योजना के तहत 518 मेगावॉट क्षमता के 1.30 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं. मजबूत विद्युत तंत्र के लिए 400 केवी के 2, 220 केवी के 5, 132 केवी के 45 और 33 केवी के 389 सबस्टेशन स्थापित किए गए हैं.
Prime Minister आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 28 लाख से अधिक परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है. वर्ष 2029 तक पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा. 35 हजार लोगों को मेसन प्रशिक्षण दिया जाएगा.
शहरी निकायों में 7 लाख स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी, जिस पर 500 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे. jaipur में 500 करोड़ और अजमेर में 200 करोड़ रुपए से ड्रेनेज सिस्टम विकसित होगा. अलवर, भिवाड़ी, उदयपुर, कोटा, चूरू, पाली, नागौर और भरतपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर कुल 1,020 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
मास्टर ड्रेनेज प्लान के लिए 40 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. आपदा प्रबंधन सुदृढ़ीकरण हेतु 60 करोड़, 93 फायर बाइक के लिए 16 करोड़, और अर्ली वार्निंग सायरन सिस्टम हेतु 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे. सवाई माधोपुर के जड़ावता में बाढ़ सुरक्षा पर 75 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
Prime Minister Narendra Modi के ‘Rajasthan राइजिंग और रिलायबल’ विजन को आगे बढ़ाते हुए राज्य ने तेज औद्योगिक विकास किया है. राइजिंग Rajasthan 2024 से बड़े निवेश आकर्षित हुए हैं. पिछले एक वर्ष में प्रतिदिन 8 उद्योगों को भूमि आवंटित की गई. डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी के तहत 1,200 से अधिक उद्यमियों को 800 एकड़ भूमि दी गई है. यह नीति दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी.
Rajasthan स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी. प्रत्येक जिले में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम चलेंगे. 300 कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रों के माध्यम से 15 हजार छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया है. अगले वर्ष 150 नए कॉलेजों में केंद्र खोलकर 50 हजार छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. ड्रीम डिजिटल रेडिनेस एंड एम्पावरमेंट प्रोग्राम के तहत पहले चरण में 50 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट विकास, सुरक्षा, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है.
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वीकेयू/एबीएम