राहुल गांधी ने भारत की विदेश नीति पर उठाया सवाल, कहा- प्रधानमंत्री समझौतावादी हैं

New Delhi, 6 मार्च . Lok Sabha नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश नीति को लेकर Prime Minister Narendra Modi पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की है.

राहुल गांधी के आधिकारिक social media एक्स अकाउंट पर 11 फरवरी को Lok Sabha में दिए गए भाषण का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया है, “India की विदेश नीति हमारे लोगों की सामूहिक इच्छा से उत्पन्न होती है. यह हमारे इतिहास, हमारी भौगोलिक स्थिति और सत्य एवं अहिंसा पर आधारित हमारी आध्यात्मिक विचारधारा में निहित होनी चाहिए. आज हम जो देख रहे हैं, वह नीति नहीं है. यह एक भ्रष्ट व्यक्ति के शोषण का परिणाम है.”

राहुल गांधी ने जो वीडियो पोस्ट किया है, उस पर लिखा है, “11 फरवरी 2026 को Lok Sabha में विपक्ष के नेता ने India की ऊर्जा सुरक्षा के खतरे में होने की चेतावनी दी. अमेरिका ही तय करेगा कि हम किससे तेल खरीद सकते हैं और किससे नहीं. चाहे रूस से खरीदना हो या ईरान से, अमेरिका ही फैसला करेगा. लेकिन हमारे Prime Minister फैसला नहीं करेंगे.”

एक दिन पहले 5 मार्च को भी राहुल गांधी ने कहा था, “विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है. आगे भयंकर संकट मंडरा रहा है. India की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40 फीसदी से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी बदतर है. संघर्ष हमारे पड़ोस तक पहुंच गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है. फिर भी Prime Minister ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. ऐसे समय में हमें एक स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है. इसके विपरीत India के पास एक ऐसे Prime Minister हैं, जो समझौतावादी हैं और रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है.”

हालांकि पिछले सप्ताह इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15 प्रतिशत से अधिक उछाल देखा गया था, लेकिन Friday सुबह तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. इसकी मुख्य वजह यह रही कि अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरियों को समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है.

ओपी/एएस

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