युवाओं को गुमराह करने और बेरोजगारी के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस जिम्मेदारः रामकृपाल यादव

Patna 9 अगस्त . बिहार Government में मंत्री रामकृपाल यादव और जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने धर्मेंद्र प्रधान के बयान, पीएम मोदी के युवाओं से संपर्क, Jharkhand में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और परिसीमन के मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी.

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में Prime Minister Narendra Modi से मेडल लेते समय छात्रों को ‘सिर झुकाने’ और वैदिक मंत्रोच्चार के दौरान खड़े रहने पर आलोचना की है. ओवैसी के इस बयान पर मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, “ओवैसी को हमेशा से आपत्तियां रही हैं और आगे भी रहेंगी. उन्हें Prime Minister का चेहरा पसंद नहीं है और वे उन्हें अलग नजरिए से देखते हैं, इसीलिए ओवैसी ने Prime Minister के हर फैसले का विरोध किया है और आगे भी करते रहेंगे. वे राष्ट्रीय हित के बारे में नहीं सोचते. Lok Sabha में इनकी क्या स्थिति है, यह सब जानते हैं.”

राहुल गांधी द्वारा छात्रों से संवाद किए जाने पर राम कृपाल यादव ने कहा, “राहुल गांधी युवाओं को गुमराह कर रहे हैं. सब जानते हैं कि आजादी के बाद लगभग 60 वर्षों तक केंद्र और राज्यों में कांग्रेस का शासन रहा. अगर आज युवा गुमराह हो रहे हैं या देश बेरोजगारी जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है तो इसके लिए कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और उनका परिवार जिम्मेदार है. राहुल गांधी युवाओं को न भटकाएं.”

उन्होंने Jharkhand प्रदर्शन को लेकर कहा, “कई राज्यों में कांग्रेस के सहयोग से Governmentें चल रही हैं. Jharkhand में भी कांग्रेस गठबंधन से Government चल रही है. ऐसे में राहुल गांधी को क्यों नहीं Jharkhand के छात्रों की चिंता हो रही है?”

Chief Minister विजय द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में तमिलनाडु के 57 में से 37 सांसदों के शामिल न होने पर राम कृपाल ने कहा, “Prime Minister Narendra Modi और गृहमंत्री अमित शाह देशहित के लिए परिसीमन करना चाह रहे हैं. यह देश के हर राज्य में लागू होगा. गृहमंत्री ने कहा है कि कहीं भी किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा. परिसीमन देशहित में होगा और किसी भी राज्य को परेशानी नहीं होगी.”

वहीं, Jharkhand आंदोलन पर जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, “मैं बार-बार कह रहा हूं कि उस राज्य के Chief Minister हेमंत सोरेन को खुद छात्रों से बातचीत करनी चाहिए. ऐसा करने से उनका अपमान नहीं, बल्कि उनका कद और बढ़ेगा, इसलिए बातचीत ही सबसे बड़ा समाधान है और उन्हें छात्रों से बात करनी चाहिए. उन्हें या तो खुद जाकर उनसे मिलना चाहिए या उन्हें बुलाना चाहिए, छात्र जिस भी तरह से बातचीत करना चाहें. उन्हें एक कड़ा फैसला लेना चाहिए और उनकी समस्याओं को हल करने की दिशा में काम करना चाहिए.”

धर्मेंद्र प्रधान द्वारा जेन जी को गुमराह करने वाले बयान पर श्याम रजक ने कहा, “हो सकता है, जेन जी दिग्भ्रमित हुए हों, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि युवा उदासीन हैं. आजादी के कई दशक बाद भी युवाओं का भविष्य अंधकार में है. युवा अपने भविष्य की रूपरेखा नहीं तय कर पा रहे हैं, इसलिए ऐसे युवाओं को गुमराह किया जा सकता है.”

ओपी/डीकेपी

Leave a Comment