
New Delhi, 22 अप्रैल . शिवसेना (यूबीटी) की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पप्पू यादव द्वारा महिलाओं पर की गई टिप्पणी की निंदा की. उन्होंने कहा कि यह वही सोच और गंदगी है, जिसने पिछले सात दशकों से काबिल महिलाओं को राजनीति से दूर रखा है.
उन्होंने कहा कि वे परिवार, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना है, वे महिला के राजनीति से जुड़ने पर सबसे पहले इसी पर आपत्ति जताते हैं. हर महिला सक्षम होकर अपनी जगह बनाती है, लेकिन हर बार उसे यही सोच मजबूर करती है.
पप्पू यादव के बयान को घोर आपत्तिजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में यह सब देखा है कि एक महिला को सम्मान के लिए कितनी लड़ाई लड़नी पड़ती है. अगर एक महिला अपने मुद्दों और अपनी बातों पर खड़ी रहती है तो उस पर आरोप लगाना बहुत आसान होता है.
उन्होंने कहा कि ऐसे कई वीडियो हैं, जहां महिलाओं का अपमान किया जाता है. मैंने ऐसे वीडियो हटवाने के लिए भी लड़ाई लड़ी है और कई मामलों में First Information Report दर्ज करवाई है. महिला का सम्मान और काबिलियत ऐसी गंदी सोच के सामने खत्म नहीं होनी चाहिए.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी पांच प्रतिशत से शुरू हुई और आज हम सिर्फ 11 प्रतिशत तक पहुंचे हैं. हम इक्कीसवीं सदी में जी रहे हैं और तमाम क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, तो राजनीति में क्यों नहीं? उनके मनोबल को तोड़ने की कोशिश की जाती है कि उनके लिए राजनीति में कोई जगह नहीं है और अगर जगह बनती भी है तो यह मानसिकता उन्हें पीछे धकेल देती है कि वे किसी के बेडरूम से होकर गुजरी हैं.
उन्होंने कहा कि महिला बिना समझौता किए अपने बलबूते और अपने दिमाग का इस्तेमाल करके अपनी जगह बनाती है, उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पप्पू यादव माफी मांगेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि Lok Sabha सदस्य पप्पू यादव की यह टिप्पणी बेहद शर्मनाक, घृणित और आपत्तिजनक है. इसी बीमार मानसिकता के कारण हजारों लोग राजनीति में महिलाओं की आलोचना करते हैं और उन्हें चुप कराने के लिए मानहानि और चरित्र हनन का सहारा लेते हैं.
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एएमटी/वीसी