वर्तमान समय जनजाति विकास का स्वर्ण काल: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Bhopal , 16 अप्रैल . Madhya Pradesh के Governor मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्तमान समय जनजातीय विकास का स्वर्ण काल कहा जा सकता है. Governor पटेल ने राजधानी में आयोजित जनजातीय विकास का लक्ष्य-राज्य स्तरीय जनजातीय उप योजना कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय विकास की शक्ति का वंचितों, गरीबों की भक्ति के भाव के साथ उपयोग करें. संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ किए गए कार्य ईश्वर की कृपा के भागी होते हैं.

Governor मंगुभाई पटेल तथा Chief Minister मोहन यादव ने प्रशासन अकादमी में दीप प्रज्वलित कर तथा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया. इस अवसर पर जनजातीय कार्य विकास मंत्री कुंवर विजय शाह उपस्थित थे.

Governor पटेल ने कहा कि वर्तमान समय जनजातीय विकास का स्वर्ण काल कहा जा सकता है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में जनजातीय विकास की अभूतपूर्व योजनाएं, Prime Minister जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान आदि के अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं. इनके लिए पर्याप्त बजट का भी प्रावधान किया गया है. आवश्यकता जनजातीय समुदाय के लिए अच्छा काम करने के मनोभाव और संवेदना की है.

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकासखंड, तहसील वार मूलभूत सुविधाओं का मानचित्र तैयार किया जाना चाहिए. मानचित्र में आबादी में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क आदि मूलभूत जरूरतों की उपलब्धता को अंकित किया जाना चाहिए. उसी के अनुसार जनजातीय विकास का रोड मैप तैयार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि का समय सीमा में उपयोग बड़ी जवाबदारी है. जरूरी है कि विकास के विभिन्न कार्यों की डिजाइन, गुणवत्ता और उपयोगिता के संबंध में व्यापक चिंतन और मैदानी भ्रमण के अनुभवों के आधार पर योजना बनाई जानी चाहिए.

Governor पटेल ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को समझने के लिए हितग्राहियों के साथ परस्पर और आत्मीय संबंधों के द्वारा समझने की जरूरत पर बल दिया. स्कूल ड्रॉप आउट की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि ड्राप आउट के कारणों को विभिन्न आयाम हो सकते है. पालकों के अशिक्षित होने से शिक्षा के महत्व का ज्ञान नहीं होना. पढ़ाई में बच्चे, बच्ची का कमजोर होना, विद्यालय का घर से दूर होना, रास्ता दुर्गम होना, विद्यालय में शौचालय का अभाव आदि, आवश्यकता ऐसे कारणों को समझ कर योजना बनाने की है.

उन्होंने कार्यशाला की सफलता के लिए बधाई दी. Chief Minister मोहन यादव ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश और प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए गतिविधियां जारी हैं.

Chief Minister मोहन यादव ने जनजातीय समाज को मुख्य धारा से जोड़ने और उनके समग्र विकास के लिए Governor पटेल द्वारा Gujarat में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि Governor पटेल की जनजातीय समुदाय से आत्मीयता और उनकी परेशानियों को समझने की संवेदनशीलता अद्भुत है. इससे जमीनी स्तर पर प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जनजातीय कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ी है. राज्य Government प्रदेश के हर वर्ग के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल की उपलब्धता और अधोसंरचना का विकास सुनिश्चित कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. राज्य Government अंत्योदय के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है.

उन्होंने कहा कि Madhya Pradesh को जनजातियों का घर कहा जाता है. राज्य की 21 प्रतिशत से अधिक आबादी जनजातीय भाई-बहनों की है. इस तरह की कार्यशाला प्रदेश की 21 फीसदी से अधिक आबादी के भाग्य और भविष्य की नई रूपरेखा बनाने का प्लेटफार्म है. उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्यशाला के निष्कर्ष जनजातीय कल्याण और विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, बजट के अधिकतम उपयोग, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में सहायक होंगे. कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ग्राम सभा आधारित विकास और आजीविका, अधोसंरचना, संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, उद्यमिता, वन और आयुष जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजातीय भाई-बहनों के लिए बेहतर जीवन का खाका खींचा जा सकेगा.

एसएनपी/डीकेपी

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