निजी निवेश से केरल को नई रफ्तार देने की तैयारी, सीएम सतीशन ने बजट का किया बचाव

तिरुवनंतपुरम, 19 जून . केरल के Chief Minister वीडी सतीशन ने Friday को बजट के जरिए प्राइवेट निवेश को आकर्षित करने पर Government के फोकस का बचाव किया. उन्होंने कहा कि यह नौकरियां पैदा करने, आर्थिक विकास को तेज करने और कल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने की एक साफ नीति का हिस्सा है.

विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन की आलोचना का जवाब देते हुए कि बजट का मकसद राज्य में प्राइवेट निवेश लाना था, सतीशन ने कहा कि Government ने कभी भी अपना नजरिया नहीं छिपाया और चुनाव से पहले जनता के सामने यही विजन पेश किया था.

अपना पहला बजट पेश करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “केरल में प्राइवेट निवेश जरूरी है. इसके जरिए हम रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं, अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं और उससे होने वाली अतिरिक्त कमाई का इस्तेमाल समाज के कमजोर वर्गों की मदद के लिए कर सकते हैं.”

उन्होंने कहा, “आज हम ऐसी स्थिति में हैं कि हमारे पास पांच पैसे भी नहीं हैं. फिर भी विपक्ष चाहता है कि हम पुराने तरीके से ही काम करते रहें. हम सत्ता में इसलिए नहीं आए थे. हमने चुनाव से पहले लोगों से साफ कहा था कि हमारा मकसद केरल को 25 साल आगे ले जाना है, न कि 25 साल पीछे.”

सतीशन ने बताया कि केरल, जिस पर 87,000 करोड़ रुपए की अस्थायी देनदारियां और कुल 5 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, नए विकास प्रोजेक्ट्स के लिए पूरी तरह से पब्लिक सेक्टर पर निर्भर नहीं रह सकता.

उन्होंने कहा, “ऐसे समय में जब तमिलनाडु, कर्नाटक और Maharashtra जैसे राज्य निवेशकों को आकर्षित करने के लिए होड़ कर रहे हैं, केरल इस दौड़ से बाहर नहीं रह सकता. आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाने के लिए राज्य को प्राइवेट भागीदारी की जरूरत है.”

उन्होंने कहा, “केरल के पास अपने संसाधनों से विझिनजम से कासरगोड तक सामान पहुंचाने की वित्तीय क्षमता नहीं है, इसलिए हम प्राइवेट निवेश लाएंगे, प्रतिस्पर्धा पैदा करेंगे और बार्ज और जहाज-आधारित लॉजिस्टिक्स विकसित करेंगे.”

Chief Minister ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि बजट निजीकरण के बारे में था और विपक्ष को चुनौती दी कि वे दस्तावेज में इस शब्द का कोई जिक्र दिखाएं.

उन्होंने कहा, “न तो केएसआरटीसी और न ही वॉटर अथॉरिटी का निजीकरण किया गया है. समस्या यह है कि Governmentी संस्थान अब ज्‍यादातर सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्तियां करते हैं. नतीजतन, यहां से पढ़ाई करने वाले इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को सही मौके नहीं मिल पाते और उन्हें राज्य छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है.”

सतीशन ने प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए बजट घोषणाओं के परफॉर्मेंस ऑडिट का एक सिस्टम भी घोषित किया.

उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके हर तीन महीने में प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट लागू करने का प्रोटोकॉल विकास कार्यों को संभालने वाले अधिकारियों में ज्यादा जवाबदेही लाएगा.

एएसएच/डीकेपी

Leave a Comment